जो इतिहास में कभी नहीं हुआ, वो अब हो रहा है, हम ऐसा क्यों कह रहे हैं, ये पढ़ें समझ जाएंगे

साल 2020 सहीं आया या नहीं.. ये सवाल हम सबके मन में बना हुआ है। जनवरी से अबतक देखें तो तीन महीनें लगभग परेशानियों में ही गए है। कभी देश में हुए दंगे हो या फरवरी से फैलें वायरस की बात हो या फिर लगातार पड़ रही प्राकृति की मार।
इन तीन महीनों में देश की जनता ने सब सहा है। इन सबके बीच मौसम भी ऐसा खेल रहा है, जो आज तक के इतिहास में कभी नहीं हुआ। जी हां.. सहीं सुना आपने। मार्च से गर्मी का प्रचड़ देखाने वाले सुर्यदेव। इस साल अलग ही रुप में है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मार्च का महीना इस बार दिल्ली में इतिहास का सबसे ठंडा महीना रहा। दिल्ली समेत कई राज्य में ऐसे समय पर बारिश हो रही है जहां मार्च में कभी हुई नहीं। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में मार्च का औसत तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रहता है, जबकि इस साल यह 28.4 डिग्री ही रहा। बेमौसम बरसात से कई किसानों को नुकसान पहुंचा है।
दिल्ली के सफदरजंग स्थित मौसम केंद्र में तो बीते महीने 109.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो नया रिकॉर्ड है। मौसम विज्ञानी कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, 1901 से अब तक सिर्फ 2015 के मार्च में ही 97.5 मिमी बारिश हुई थी। इतना ही नहीं मार्च में पहाड़ी राज्यों में अच्छी बर्फबारी भी देखने को मिली। वहीं,पश्चिम, उत्तर और मध्य भारत में बारिश हुई।
दिल्ली में मार्च में औसत बारिश 14.8 मिमी होती है। इस बार यह 69.4 मिमी हुई, जो सामान्य से 396% ज्यादा है। वहीं, पंजाब में 257%, हरियाणा में 476%, उत्तराखंड में 113%, यूपी में 449%, राजस्थान में 393%, मध्य प्रदेश में 264%, बिहार में 465%, झारखंड में 486%, छत्तीसगढ़ में 378%, महाराष्ट्र में 160% और ओडिशा में 164% ज्यादा बारिश हुई।
ये आंकड़े जितना शरीर को राहत दे रहे हैं, उतना ही डरा रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, ऐसा लगातार प्रकृति में हो रहे बदलाव की वजह से हो रहा है।