जहाँ जाने से डरते थे ग्रामीण वहां जब लॉकडाउन में पहुंची पुलिस तो नजारा देख रह गई हैरान!

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्वाचन क्षेत्र पाटन के ग्राम पंचायत असोगा में लॉकडाउन के दौरान देशी शराब के कारोबार का मामला सामने आया है। लॉक डाउन में सन्नाटे का फायदा उठाकर अवैध कारोबारियों द्वारा गांव के बाहर खंडहर में शराब बनाया जा रहा था। आबकारी विभाग के अफसरों ने रविवार को गांव में दबिश देकर इसका भंडाफोड़ किया। इस दौरान 12 बोरे में 120 किलो शराब बनाने में काम आने वाला महुआ लहान और करीब 20 लीटर शराब जब्त किया गया। दबिश के दौरान खंडहर में कोई नहीं मिला।
आबकारी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक असोगा के तीन घरों में शराब बनाकर बेचे जाने की शिकायत मिली थी। इस पर टीम जांच के लिए पहुंची थी। जांच के दौरान गांव के बाहर खंडहरनुमा मकान से महुआ के तेज गंध की जानकारी हुई। इस पर मकान में जाकर जांच की गई थी। यहां महुआ लहान और शराब छुपाकर रखा गया था। अधिकारियों के मुताबिक महुआ लहान बुरी तरह सड़ गया था जिसके कारण तेज गंध आ रही थी। मामले में 34,2 आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर शराब बनाने वालो की पतासाजी की जा रही है। अफसरों के मुताबिक खंडहर में स्थानीय लोग जाने से डरते हैं। 

ग्रामीणों के बीच खंडहर में भूत-प्रेत होने जैसे किस्से प्रचलित है। माना जा रहा है कि इसी का फायदा उठाकर अवैध कारोबारियों द्वारा खंडहर का उपयोग किया जा रहा था। दबिश के दौरान खंडहर के आसपास कोई नहीं था। इससे पहले भी असोगा में अवैध शराब बनाने और बिक्री के कई मामले पकड़े जा चुके हैं। करीब साल भर पहले यहां एक गांव में मध्यप्रदेश से लाकर रखे गए शराब का जखीरा मिला था। ताजा मामले में ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। पूर्व में पकड़े गए लोगों से इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।