आधी रात तबलीगियों को दौड़ा ग्रामीणों ने नहीं घुसने दिया क्वारंटाइन सेंटर

कोरोना के बहाने साथ-साथ मौत लेकर घूमने के आरोपी तबलीगी चारों ओर से घिरते जा रहे हैं। देश के तकरीबन हर राज्य की पुलिस इन्हें तलाश रही है। लोगों को इनकी शक्ल से नफरत होती जा रही है। इसे तबलीगियों से नफरत मानें या फिर कोरोना का कोहराम कि, आधी रात को क्वारंटाइन ले जाये गये 20 विदेशी तबलीगियों को दौड़ा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के लाख समझाने के बाद भी अपनी पर अड़े ग्रामीणों ने सभी विदेशी तबलीगियों को भगा कर ही दम लिया।
शुक्रवार को आईएएनएस से बात करते हुए पूरे घटनाक्रम की पुष्टि फरीदाबाद जिले के थाना भोपानी पुलिस ने भी की। थाना भोपानी पुलिस के मुताबिक, “नचौली गांव के पास स्थित लिंग्याज कॉलेज में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संदिग्धों को रखने के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाया है। गुरुवार को रात करीब 10 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम सेंटर पर 20 विदेशी तबलीगियों को लेकर पहुंची। सभी कोरोना के मरीज तो नहीं थे, मगर संदिग्ध जरुर थे। इन सबको इस सेंटर में तीन-चार दिन के लिए आईसोलेट करके रखना था।”

नचौली गांव के लोगों को जैसे ही क्वारंटाइन सेंटर पर इनके पहुंचने की खबर लगी। हजारों की संख्या में पहुंची गांव वालों की भीड़ ने सेंटर को घेर लिया। ग्रामीणों का कहना था यह सब (तबलीगी) देश के दुश्मन हैं। यह कोरोना के रुप में मौत साथ लेकर घूम रहे हैं। इनके इस सेंटर (लिंग्याज कॉलेज परिसर स्थित अस्थाई कोरंटाइन होम) में रहने से गांव वालों में भी कोरोना फैल सकता है।

मौके पर मौजूद थाना भोपानी के एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गयी थी। ग्रामीण इस बात पर अड़े हुए थे कि, वे इन विदेशी कोरोना संदिग्ध तबलीगियों को किसी भी हाल में नहीं ठहरने देंगे। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की बात ग्रामीण मानने को राजी हुए।”

सूत्रों के मुताबिक, “करीब तीन-चार घंटे तक इसी तरह ड्रामा चलता रहा। आखिरकार पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ही हाथ पीछे कर लिये। उसके बाद बनी रणनीति के तहत सभी 20 संदिग्ध विदेशियों को धौंज गांव के करीब स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में बने अस्थाई कोरंटाइन सेंटर में सबको दाखिल करवाया गया।”

शुक्रवार को इस बारे में आईएएनएस ने थाना भोपानी इंचार्ज इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह से बात की। उन्होंने कहा, “मैं प्रेस से बात करने के लिए अधिकृत नहीं हूं। इस बारे में जिला पुलिस प्रवक्ता या फिर उच्चाधिकारियों से बात करिये।” फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर के के राव से भी कई बार संपर्क की कोशिश की गयी। उन्होंने भी मगर कोई जबाब नहीं दिया।