कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद एक मुस्लिम ने कर लिया सुसाइड, तबलीगी जमात के लोगों से आया था मिलकर!

पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहा है। रोज कहीं ना कहीं से मौत की खबरें सामने आ रही हैं। लेकिन, इसी बीच हिमाचल में एक दिल दहला देने वाला मामला हुआ है। जहां एक मुस्लिम युवक ने नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद दुखी होकर आत्महत्या कर ली। दरअसल, यह घटना ऊना जिले में रविवार 5 अप्रैल की सुबह हुई है। जहां  बंगागढ़ गांव के रहने वाले दिलशाद मुहम्मद नाम के व्यक्ति ने अपने घर में ही फांसी लगा ली। युवक को क्वारेन्टाइन किया गया था, जहां उसका कोरोना संक्रमण का टेस्ट हुआ था और उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 
डीजीपी एस आर मरड़ी ने बताया- दिलशाद पूर तरह से कोरोना से निगेटिव था। लेकिन, उसके गांवावाले उसे परेशान करते थे। लोग उस पर कोरोना वायरस फैलाना का आरोप लगा रहे थे। ग्रामीणों का कहना है था कि दिलशाद दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के लोगों से मिलकर आया है। बस इसी बात से वह दुखी रहता था। इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। वहीं इस मामले में दिलशाद के भाई गुलशन मुहम्मद का कहना है कि मेरा भाई दिलशाद पूरी तरह से बेकसूर था। वह गांववालों के तानों से काफ़ी दुखी था। 

दिलशाद की ग़लती महज इतनी थी कि वह एक ऐसे शख़्स के संपर्क में आया था जो कि तबलीग़ी जमात से लौटा था और गांव की मस्जिद में ठहरा था। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस की जांच टीम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मृतक के पास से अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि दिलशाद को 2 अप्रैल को ऊना के एक अस्पताल में ले जाया था, क्योंकि वह तब्लीगी जमात में शामिल दो लोगों से मिला था।