दिल्ली के बाद अब इस राज्य में देखते ही गोली मार देने का आदेश, जानिए क्यूं

झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिकारियों को गोली मारने का आदेश दिया गया है। बेतला राष्ट्रीय पार्क के क्षेत्रीय निदेशक वाईके दास ने बताया कि बाघिन की मौत के बाद शिकारियों को अब लगने लगा है कि बेतला नेशनल पार्क सहित पीटीआर में बाघ मौजूद हैं। इस कारण शिकारियों पर कड़ी नजर रखते हुए गोली मारने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि रिजर्व के सभी वन क्षेत्र पदाधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को विशेष चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया है।
रेंजर्स से कहा गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी। अभी पलामू टाइगर रिजर्व में दो और बाघों के मौजूद होने की सूचना मिल रही है। टाइगर रिजर्व सहित आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लातेहार पुलिस अधीक्षक से विशेष सुरक्षा की भी मांग की गई है। सरकार और प्रशासन से वन अधिकारियों को ही मजिस्ट्रेट की शक्ति देने का अनुरोध किया गया है या पार्क में एक मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति करने की मांग की गई है, जिससे पुलिस को तत्काल आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने का आदेश प्राप्त हो सके।

दास ने कहा कि मृत बाघिन का नाम हेमा रखा गया है, जिसकी याद में घटनास्थल पर स्मारक बनाया जाएगा। लकड़ी का स्टेच्यू बनाकर उस जगह पर रखा जाएगा। बाघिन के मरने के पूर्व की स्थिति को भी जानने के लिए जंगल में लगे सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है। पार्क में 15 फरवरी को एक बाघिन की मौत हो गई थी। इसकी मौत को भले ही वन विभाग के अधिकारी स्वाभाविक और बायसन के झुंड से लड़ाई का कारण मान रहे हों, लेकिन मौत को लेकर अभी भी कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। कहा जा रहा है कि मृत बाघिन चार महीने पूर्व ही छत्तीसगढ़ के जंगल से लौट आई थी।