"अम्मा हमारे होते पैदल क्यों जाओगी, हम हैं ना तुम्हारे लिए" लॉकडाउन में दिखा पुलिस का ऐसा चेहरा..!

कोरोना वायरस का खतरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. 21 दिन का लॉकडाउन खत्म होने के करीब है. लेकिन, ज्यादातर राज्य इसे बढ़ाने के पक्ष में हैं. कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की तादाद दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. ऐसे समय में बैंक, अस्पताल और दूसरे बहुत जरूरी संस्थानों को छोड़कर लगभग सब बंद हैं. लेकिन, इस विपरीत परिस्थिति में डॉक्टर्स, हेल्थ वर्कर्स और पुलिस ने जिस तरह से लोगों की मदद की है, वह काबिल-ए-तारीफ़ है. उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में ऐसा ही पुलिस का एक चेहरा सामने आया है. यहां एक बुजुर्ग महिला अपने घर से पैदल ही बैंक जा रही थी. उसे चलने में दिक्कत हो रही थी. तभी एक पुलिस जवान की नजर उसपर पड़ी.
जवान ने गाड़ी रोककर महिला से बातचीत की और पूछा की कहां जा रही हैं. महिला ने उन्हें बैंक जाने की बात कही. महिला देखने से बहुत थकी लग रही थी. ऐसे में पुलिस के जवान ने महिला को अपने गाड़ी में बैठाया और बैंक की तरफ़ बढ़ गए. रास्ते में महिला को भोजन भी कराया. इसके बाद उन्हें लेकर बैंक पहुंचे. वहां महिला जबतक बैंक से पैस निकालती रहीं वह तबतक बाहर ही इंतजार करता रहा. इस दौरान महिला अपना काम करके बैंक से बाहर आई.
पौड़ी गढ़वाल- एक बूढ़ी मां दुगड़्डा की तरफ पैदल आ रही थी। #UttarakhandPolice के जवान उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर दुगड्डा लाए। अपने साथ भोजन कराया। बैंक ले जाकर खाते से धनराशि निकलवाकर सकुशल उनकी बेटी के पास भिजवाया। इसके बाद पुलिस का जवान उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर फिर से उनके बेटी के घर ले गया और छोड़ आया. पुलिस के इस जवान ने मानवता की मिसाल पेश की है. इस कठिन परिस्थिति में जिसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत है, उसे पूरा कर रही है.
बता दें कि पूरे देश में पुलिस का एक अलग ही चेहरा इस मुश्किल घड़ी में सामने आया है. वह लोगों की मदद के लिए दिन-रात एक की हुई है. इतना ही नहीं पशु-पक्षियों की भी मदद करते हुए वे दिख रहे हैं. उन्हें खाना खिला रहे हैं. ज़रूरतमंदों के एक फोन कॉल तक उनतक पहुंच रहे हैं और उनकी समस्या का समाधान कर रहे हैं.