भदोही में फंसे हैं 'रामायण' के 'जामवंत', लॉकडाउन खत्म होने का कर रहे इंतजार

राजशेखर उपाध्याय ने मशहूर सीरियल 'रामायण' में जामवंत सहित कई भूमिकाएं निभाई हैं और फिलहाल यूपी के भदोही में अपने मूल गांव हरिहरपुर में हैं। वह मार्च में कुछ दिनों के लिए गांव आए हुए थे। इसी दौरान 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा हो गई।

राजशेखर उपाध्याय ने निभाई थी जामवंत की भूमिका
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन की वजह से कई प्रवासी अपने मूल गांव में फंसे हुए हैं। इसमें एक नाम शामिल है श्रीकांत उर्फ राजशेखर उपाध्याय का। उन्होंने मशहूर सीरियल 'रामायण' में जामवंत सहित कई भूमिकाएं निभाई हैं और फिलहाल यूपी के भदोही में अपने मूल गांव हरिहरपुर में हैं। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें लोग 'गुरुजी' भी कहते हैं।

राजशेखर बताते हैं कि मार्च के पहले सप्ताह से कोरोना वायरस को लेकर सुगबुगाहट तेज थी। इसका असर शूटिंग पर भी पड़ने लगा था। वह मार्च में कुछ दिनों के लिए गांव आए हुए थे। इसी दौरान 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा हो गई।

'रामायण' का प्रसारण अच्छी पहल

उपाध्याय ने कहा कि लॉकडाउन में लोगों को घर में 24 घंटे बिताना है। ऐसे में, 'रामायण' धारावाहिक को शुरू करना एक अच्छा कदम है। यह अच्छी पहल है और आम लोग एक बार फिर से 'रामायण' से जुड़ेंगे।

नालासोपारा में रहते हैं 'जामवंत'

वह बताते हैं, 'हम नालासोपारा में रहते हैं। गांव कुछ दिनों के लिए आए थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से कहीं जा नहीं सकते। जैसे ही लॉकडाउन खत्म होगा, वैसे ही वापस कर्मभूमि में लौटेंगे। रामायण में अब जामवंत की भूमिका का प्रवेश हो चुका है। मुखौटे के पीछे के अपने चेहरे को महसूस कर खूब गदगद हो रहे हैं।'

श्रीधर के रोल का है इंतजार

राजशेखर ने कहा कि हम कलाकारों के किरदार बदलते रहते हैं। जैसे ही, रामायण में जामवंत की भूमिका खत्म होती है। श्रीराम अयोध्या लौटते हैं, वैसे ही उनकी भूमिका श्रीधर की हो जाती हैं। श्रीधर वही हैं, जो मुनि वशिष्ठ को राज्याभिषेक के लिए निमंत्रण देते हैं और राम के राज्याभिषेक के समय सारी औपचारिकता की पूर्ति करते हैं।