मंत्री के बेटे के रेस्टोरेंट कर्मचारी ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में मिनिस्टर की बहू को बताया जिम्मेदार

मेघालय के शिलांग से आगरा में काम करने आए एक रेस्टोरेंट कर्मचारी ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से नौकरी चले जाने की बात लिखने के बाद खुदकुशी कर ली. खुदकुशी से पहले मेघालय में अपने जानने वालों को वॉट्सऐप पर लिखे संदेश में उसने आरोप लगाया कि उसकी मौत की जिम्मेदार एक राज्यमंत्री की पुत्र वधू है, जिसने लॉकडाउन की वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया. खुदकुशी करने वाला पीड़ित उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री के बेटे के रेस्टोरेंट में काम करता था. मेघालय पुलिस की सूचना पर आगरा पुलिस ने उसका शव राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह के बेटे के रेस्टोरेंट की छत से बरामद किया.
शव की पहचान शिलांग के रहने वाले एल्ड्रिन लिंगदोह के तौर पर की गई. एल्ड्रिन ने मौत से पहले वॉट्सऐप पर लिखे अपने संदेश में अपने शहर में अंतिम संस्कार किए जाने की आखिरी इच्छा जताई है. एल्ड्रिन ने व्हाट्सएप के जरिए अपने रिश्तेदारों को सुसाइड नोट भेजा. जिसके बाद परिवारजनों की सूचना पर एडीजी मेघालय ने आगरा ADG को इसकी जानकारी दी. जिस पर एक्शन लेते हुए आगरा पुलिस ने शव को मंगलवार सुबह रेस्टोरेंट की छत से बरामद किया है. घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के शास्त्रीपुरम की है.

अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में एल्ड्रिन लिंगदोह ने बताया कि लॉकडाउन के चलते नौकरी चली गई. उसके पास खुदकुशी के सिवा कोई दूसरा विकल्प नहीं है. सुसाइड नोट में एल्ड्रिन ने अपने अतीत का जिक्र भी किया, उसने बताया कि माता-पिता नहीं हैं, शिलांग में उसने चोरी की थी लेकिन बेहतर जिंदगी की तलाश में वो आगरा चला आया था. यहां सिकंदरा में कारगिल पेट्रोल पंप चौराहा स्थित शांति फूड कोर्ट रेस्टोरेंट में नौकरी करने लगा. उसने लिखा कि कोरोना के चलते 21 दिन के लॉकडाउन से नौकरी चली गई. राज्यमंत्री की पुत्र वधू सीमा चौधरी का नाम लेते हुए, उसने आरोप लगाया कि उन्होंने उसे नौकरी से निकाल दिया और कोई मदद करने से भी इंकार कर दिया जिसके बाद उसके पास खुदकुशी करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. पुलिस ने अब सभी तथ्यों की जांच शुरू कर दी है.