हनीमून मनाने मालदीव गया था कपल, ऐसे फंसे कि घर खरीदने के लिए जो पैसे बचाए थे वो भी डूब गए

दक्षिण अफ्रीका के ओलिविया और रॉल डी फ्रेइटास हनीमून मनाने के लिए मालदीव गए थे. लेकिन कोरोना वायरस के चलते वहीं फंस गए. दक्षिण अफ्रीका में भी कोरोना के चलते लॉकडाउन है और मालदीव में भी. न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, ओलिविया और रॉल 22 मार्च को मालदीव पहुंचे थे. इनका प्लान छह दिन तक रुकने का था. लेकिन दोनों को 15 दिन हो चुके हैं. अभी भी घर जाने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे.

ट्रैवल एजेंट ने कहा था- जाइए, मौज करिए
27 साल की ओलिविया टीचर हैं और 28 साल के रॉल कसाई का काम करते हैं. वे जब मालदीव जाने की तैयारी कर रहे थे तब ही कोरोना का संकट शुरू हो चुका था. लेकिन इन दोनों से उनके ट्रैवल एजेंट ने कहा कि चिंता मत करिए. आगे जो कुछ भी हो सभी दक्षिण अफ्रीकी लोगों को घर आने दिया जाएगा. जाइए और मौज करिए.

रॉल और ओलिविया की शादी मार्च में हुई थी. दोनों 6 दिन के हनीमून के लिए मालदीव गए थे.

रिजॉर्ट में अकेले गेस्ट थे

ओलिविया और रॉल जिस रिजॉर्ट में ठहरे थे, वहां उनके अलावा और कोई गेस्ट नहीं था.  भले ही वे रिजॉर्ट में अकेले गेस्ट थे. लेकिन वहां का स्टाफ उनकी खातिरदारी करता रहा. रिपोर्ट के अनुसार, रूम बॉय दिन में पांच बार उनसे किसी सामान की जरूरत के बारे में पूछने आता. सुबह नाश्ते के समय नौ वेटर खड़े रहते. हर रात रिजॉर्ट के रेस्तरां में गाने बजाए जाते. डांस होता.

ओलिविया ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया-

हमारे पास काफी समय है. लेकिन यह अजीब है. सब कहते हैं कि वे किसी आइलैंड (द्वीप) पर फंसना चाहते हैं. लेकिन ऐसा तब तक ही है जब कोई सच में न फंस जाए. यह तभी अच्छा लगता है जब आपको पता हो कि आप घर जा सकते हैं.

इसी बीच ओलिविया और रॉल का बैंक बैलेंस भी कम होता जा रहा है. जिस रिजॉर्ट में वे ठहरे थे उसमें एक कमरे का किराया 750 डॉलर यानी करीब 50 हजार रुपये रोजाना है. वे 6 दिन के लिए आए थे. और 9 दिन ज्यादा रहे. हालांकि रिजॉर्ट ने बाद में उन्हें डिस्काउंट दिया. लेकिन अब जो भी पैसे खर्च हो रहे हैं, वो उन्होंने घर खरीदने के लिए बचाए थे. साथ ही अभी यह भी तय नहीं है कि वापस दक्षिण अफ्रीका जाने में कितने पैसे खर्च होंगे.

ओलिविया को दक्षिण अफ्रीका लौटने का इंतजार है.
दक्षिण अफ्रीका में 16 अप्रैल तक लॉकडाउन है. 1 अप्रैल को दक्षिण अफ्रीका ने अपने सभी एयरपोर्ट बंद करने का ऐलान किया था. लेकिन ओलिविया और रॉल वापस नहीं जा पाए. रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने पहले मालदीव में मौजूद दक्षिण अफ्रीकी कॉन्सुलेट से मदद मांगी. फिर श्रीलंका में दूतावास से बात की.

चार्टर विमान से निकालने की बात चली मगर

यहां उनसे कहा गया कि मालदीव में दक्षिण अफ्रीका के 40 लोग हैं. इन्हें निकालने के लिए चार्टर विमान किराए पर लिया जाएगा. इसका किराया 1.04 लाख डॉलर यानी करीब 80 लाख रुपये के करीब होगा. यह खर्चा मालदीव में रह गए दक्षिण अफ्रीकी लोगों से ही लिए जाने की बात कही गई. मतलब 40 लोगों में किराया बंट जाएगा. लेकिन यहां भी एक दिक्कत आ गई.

दक्षिण अफ्रीका की सरकार 20 लोगों से ही संपर्क कर पाई. इनमें से भी कइयों ने या तो पैसे देने से मना कर दिया या कई ऐसे थे जो पैसे नहीं दे सकते थे. चार्टर विमान को लेकर मालदीव और दक्षिण अफ्रीका की सरकार के बीच काफी बातचीत हुई. लेकिन मामला नहीं बना.

दूसरे रिजॉर्ट में किए गए शिफ्ट
5 अप्रैल को ओलिविया और रॉल के पास दूतावास से फोन आया. उनसे एक घंटे में रिजॉर्ट से निकलने को कहा गया. उन्हें एक दूसरे रिजॉर्ट में ले जाया गया. यहां पर मालदीव में फंसे दक्षिण अफ्रीका के 24 दूसरे लोगों को रखा गया है.