दो भिखारनों की हुई जांच तो पुलिस हैरान, एक लंदन में अकाउंट ऑफिसर, दूसरी के पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड !

जब भी हम सड़क पर किसी भिखारी को देखते हैं तो हमें लगता हैं कि ये बेचारे अनपढ़ लोग हैं जो मजबूरी के चलते सड़को पर भीख मांग रहे हैं. इन भिखारियों का मजबूर चेहरा देख हमारा दिल पिघल जाता हैं और हम इनके कटोरे में कुछ पैसे डाल आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन आपको जान हैरानी होगी की सड़क पर भीख मांगने वाला हर भिखारी अनपढ़ या मजबूर नहीं होता हैं. इनमे से कुछ इस धंधे से अच्छी खासी कमाई भी कर लेते हैं. हम आपको पहले ऐसे कई भिखारियों के बारे में बता चुके हैं जो इस धंधे से लाखो की कमाई करते हैं.
लेकिन आज हम आपको दो ऐसी भिखारन से मिलवाने जा रहे हैं जिनकी कहानी काफी हट के हैं. इन भिखारन में से एक के पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड हैं तो वहीँ दूसरी भिखारन लन्दन में अकाउंट ऑफिसर के तौर पर काम कर चुकी हैं. तो फिर ऐसी कौन सी मजबूरी रही होगी जो ये दोनों हैदराबाद की सड़कों पर भीख मांगती नजर आ रही हैं? आइए पूरा मामला विस्तार से जाने…

दरअसल हैदराबाद में पुलिस वाले हैदराबाद की सड़कों पर एक रूटीन ऑपरेशन चला रहे थे. इस दौरान उनकी मुलाकात दो ऐसी भिखारनो से हुई जिनके बारे में जान वो दंग रह गए.
ये दोनों ही भिखारन फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती हैं. इसमें से पहली भिखारन का नाम फरजाना (50) हैं जो कि एक दरगाह के बाहर भीख मांगती हैं. इस भिखारन के पास MBA की डीग्री हैं और वो लंदन में बतौर अकाउंट ऑफिसर काम कर चुकी हैं. हैदराबाद में फरजाना का एक आलिशान बंगला भी हैं. उसका बेटा अमेरिका में आर्किटेक्ट का काम करता हैं. फरजाना के बेटे ने बताया कि उसकी माँ को एक बाबा ने सलाह दी थी कि यदि वो सड़को पर भीख मांगेगी तो उसका गुर्भाग्य चला जाएगा. बस यही वजह हैं कि फरजाना इतना अच्छा बैकग्राउंड होने के बाद भी भीख मांग रही थी.
दूसरी भिखारन का नाम रबिया बसेरा हैं. इस महिला के पास अमेरिका का ग्रीनकार्ड हैं. महिला के अनुसार उसके रिश्तेदारों ने धोखे से उसकी संपत्ति हड़प ली हैं जिसकी वजह से उसे भीख मांगने पर मजबूर होना पड़ा हैं. रबिया की दुःख भरी कहानी सुन पुलिस वालों की आखों में भी आंसूं आ गए. पुलिस रबिया को रिहेब सेंटर भेज रही थी लेकिन ये खबर सुन उसके कुछ रिश्तेदार वहां आ गए और कहने लगे कि अब वे रबिया का ख्याल रखेंगे.