लॉकडाउन का उल्‍लंघन करने पर बाइक सवार धरा गया, मजबूरी सुन पुलिसकर्मियों का दिल पसीजा

अंकल मां बीमार है, दवाईयों के लिए पैसे निकलवाने थे। इसलिए जल्दबाजी में घर से निकल आया। पुलिस ने उदारवादी स्वभाव दिखाते हुए वास्तविकता जांचने के बाद मोटरसाइकिल सवार को जाने दिया। मौका था अंबेडकर चौक का, यहां पर पुलिस नाका लगाकर तैनात थी। चौक से गुजरने वाले वाहनों की जांच कर रही थी।
इस दौरान जब मोटरसाइकिल सवार एक युवक आया चौक से गुजर रहा था तो पुलिस ने उसे रोक लिया और उसके दस्तावेज जांच किए। लेकिन उसके दस्तावेज पूरे नहीं मिले। ऐसे में मोटरसाइकिल सवार युवक ने कहा कि अंकल मेरी मां बीमार है, उनकी दवाईयों के लिए बैंक से पैसे निकलवाने के लिए आया हूं। पुलिस ने युवक के भाई से फोन पर बात की तो बताया कि पैसों की जरूरत थी और जल्दबाजी में कुछ दस्तावेज घर ही भूल गया। मां की दवाईयों के लिए पैसे आने की बात भी बताई। इस पर पुलिस ने युवक को आगे से सभी दस्तावेज साथ रखने की नसीहत देते हुए छोड़ दिया। 

इधर, पुलिस की टीमों ने लॉकडाउन के चलते जिला में विभिन्न जगहों पर नाके लगाए हुए है। चौक व नाकों से गुजरने वाले वाहनों के दस्तावेजो को जांचा जा रहा है। दस्तावेज पूरे नहीं मिलने पर वाहनों के चालान भी किए जा रहे हैं। साथ ही लॉकडाउन के दौरान बाहर निकलने का कारण भी पूछा जाता है। बिना किसी उचित वजह के घरों से बाहर निकलने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।

मनाही के बाद भी सब्जी मंडी में पहुंच रहे लोग

मनाही के बाद भी आम लोग सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, पहले से ही मौजूद रहने वाली टीम उन्हें भीतर प्रवेश नहीं करने दे रही। जिसके कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। बता दे कि उपायुक्त ने आदेश जारी करते हुए सब्जी मंडी में केवल विक्रेताओं को खरीददारी की अनुमति दी थी। इसके तहत सब्जी मंडी में खुदरा विक्रेता, रेहड़ी वाला, दुकानदार आपूर्तिकर्ता ही सब्जी खरीद सकता है। बकायदा, इस कार्य के लिए मार्केट कमेटी ने सब्जी विक्रेताओं के लिए पास भी जारी किए हैं। साथ ही जिन्होंने पास नहीं बनाए उनके मार्केट कमेटी कार्यालय में बनाए जा रहे हैं।