एसडीओपी ने घर के बाहर खाना खाया तो बेटी बोली-पापा घर के अंदर क्यों नहीं आ रहे

कोरोना से जंग जीतने के लिए पुलिस अफसर भी अपनी जान को दांव पर लगा रहे है। ऐसे ही पुलिस अफसर है बड़ौदा एसडीओपी निरंजन राजपूत। जो कोरोना को हराने के लिए न सिर्फ लॉकडाउन का सख्ती से पालन करा रहे है,बल्कि उन्होने अपने परिवार के लोगो से दूरी बना ली है। 
बुधवार को एसडीओपी बड़ौदा निरंजन राजपूत घर पहुंचने के बाद भी घर के अंदर दाखिल नहीं हुए। उन्होंने पत्नी और बच्चों से दूर से ही बात की और खाना भी घर से बाहर मंगवाकर खाया। एसडीओपी को घर के बाहर कुर्सी पर बैठकर खाना खाते देखकर उनकी चार साल की बेटी भूमिका उनसे पूछ बैठी, पापा आज आप घर के अंदर क्यों नहीं आ रहे हो। 

बेटी की यह बात सुनकर एसडीओपी की आंखो से आंसू झलक आए। यहां बता दें कि मंगलवार को श्योपुर में मिला पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज, रिपोर्ट आने से पहले बड़ौदा क्षेत्र के गांव बागल्दा और सुबकरा में पहुंचकर वहां के लोगो से भी मिला था। 

इसलिए एसडीओपी निरंजन राजपूत ने बुधवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बागल्दा पहुंचकर वहां के 7 लोगो को रतोदन और सुबकरा के 48 लोगो को बड़ौदा में क्वारंटाइन करावाया। इसके बाद एसडीओपी ने स्वयं भी घर से दूरी बनाकर ऑफिस में ही रहना शुरु कर दिया। एसडीओपी राजपूत ने बताया कि इस समय परिवार के लोगो से मिलने से ज्यादा समाज के लोगो को बचाना जरुरी है।