आखिर मिल ही गई वो महिला जिसने पूरी दुनिया में फैलाया था कोरोना, अब जमकर कोस रहे हैं लोग!

आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस नाम की महामारी से जूझ रहा है और इस वजह से पूरे भारत में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है। कोरोनावायरस संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति का ठीक होने का चांस बहुत कम होता है और इस संक्रमण को मारने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक जुटे हैं लेकिन उन्हें इसका उपचार नहीं मिल रहा है। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोनावायरस चीन के वुहान से शुरु हुआ और एक महिला ही इस महामारी का कारण है। तो चलिए बताते हैं कौन है ये?
चीन के हुबेई प्रांत वुहान से फैलने वाले जानलेवा कोरोना वायरस की चपेट में आज पूरी दुनिया है। इस वायरस से दुनिया भर में लाखों मौतें हो चुकी हैं, वहीं खबरे हैं कि कोरोना के पहले मरीज की भी खोज हो गई है जिसके जरिए पहले हुबेई और फिर पूरी दुनिया में ये खतरनाक वायरस फैल रहा है। चीन के बदनाम हन्नान बाजार में समुद्री केकड़ा बेचने वाली 57 साल की महिला वेई गुजियान कोरोना की पहली मरीज थीं। वुहान के म्युनिसिपल हेल्थ कमिशन ने इस बात की पुष्टि की है कि वेई उन 27 मरीजों में थी जिसका कोविड-19 का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था।

10 दिसंबर को वेई को सर्दी-जुकाम हुआ और वो वुहान के स्थानीय क्लीनिक पर गई। उन्हें सामान्य फ्लू का एक इंजेक्शन दे दिया गया। इसके बाद 11 दिसंबर को वेई को कमजोरी महसूस होने लगी औक वो एक दूसरे अस्पताल में गई। दिसंबर के आखिरी में जब डॉक्टरों ने पाया कि वुहान के सी फूड मार्केट में कोरोना वायरस फैल रहा है तो वेई को क्वारंटीन कर दिया गया। जनवरी, 2020 को वेई अस्पताल से स्वस्थ होकर घर चली गई। एक महीने के इलाज के बाद वेई पूरी तरह से ठीक हो गई और ऐसा माना जा रहा है कि वेई को एक टॉइलट से कोरोना का संक्रमण फैला था।

बताया गया है कि इस टॉइलेट को एक मांस व्यापारी इस्तेमाल कर रहा था, इतना ही नहीं कथित तौर पर वेई के साथ काम करने वाली उसकी बेटी, एक भतीजी और उसका पति भी इस खतरनाक वायरस की चपेट में आए। वेई को लगा कि उन्हें सीजनल फ्लू हुआ है और वो एक छोटे से क्लिनिक पर गई थी। उन्होने इंजेक्शन लगवाया लेकिन आराम नहीं मिला। वो मार्केट में सामान बेचती थी और 5 दिनों के बाद हालत खराब होने पर वो विहान के बड़े अस्पताल में भर्ती हुई थी।

कोरोना के संक्रमण के बाद वुहान के इस सी-फूड मार्केट को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया। वेई ने बताया कि अगर चीन सरकार तुरंत कार्यवाही करती तो कोरोनावायरस फैलने से रुक सकता था। वेई को कोरोना का पेंशेंट जीरो माना जा रहा है, हालांकि अभी इस बात को लेकर स्पष्टता नहीं है कि वेई ही कोराना की पहली मरीज है। चीन की मीडिया में किसी 70 साल के शख्स को पहला मरीज बताया गया है और मेडिकल जर्नल Lanct में दावा किया गया कि कोविड-19 से पी़ड़ित शख्स की पहचान 1 दिसंबर, 2019 को ही गया था।