लॉकडाउन में घर आए पति को चोखे में मिलाकर खिलाईं नींद की गोलियां, सोते ही पत्नी ने काट दिया गला

लॉकडाउन में पांच दिन पहले नोएडा से गांव खांडा स्थित अपने घर आए विक्रम सिंह की बुधवार रात गला रेतकर हत्या कर दी गई। पत्नी रानी और उसकी बुआ के बेटे अनिकेत के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूछताछ में दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात आई है। विक्रम को इसका शक हो गया था।
विक्रम नोएडा के सेक्टर-6 में एक निजी कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन में घर आ गया। इसके लिए 50 किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ा था। उसकी पत्नी रानी की बुआ भी गांव खांडा में रहती है। बुधवार की रात विक्रम खाना खाकर अपनी पत्नी रानी के साथ अपने कमरे में गया। जबकि उसकी मां कृपा देवी मकान के ऊपर बने कमरे में सो रही थी।
विक्रम की मौसी भी गांव में ही रहती है। उसका छोटा भाई मौसी के यहां सो रहा था। रात डेढ़ बजे रानी चीखते हुए दौड़कर सास कृपा देवी के पास पहुंची और बोली कि विक्रम ने फांसी लगा ली है। कृपा देवी ने नीचे आकर देखा तो विक्रम लहूलुहान हालत में पड़ा था। घर में मची चीख-सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठे हो गए। सूचना पर सुबह पहुंची पुलिस ने मुआयना किया। रानी ने फिर से यही बताया कि विक्रम ने फांसी लगाकर जान दी है जबकि उसकी गर्दन लहूलुहान थी।
पुलिस ने शक के आधार पर पहले रानी और फिर उसकी बुआ के लड़के अनिकेत उर्फ प्रताप पुत्र धर्मवीर को हिरासत में ले लिया। विक्रम के पिता सुरेंद्र सिंह ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। बरहन थाना के प्रभारी ने बताया कि रानी देवी और प्रताप के बीच प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि बुधवार की रात 11:00 बजे रानी ने अपने पति विक्रम को आलू के चोखे में नींद की आठ गोलियां मिलाकर खिलाईं थीं। इससे रात करीब एक बजे विक्रम को बेचैनी हुई, तो उसने उठकर अंगूर खा लिए। इसके बाद जैसे ही वह सोया, कुछ देर बाद ही उसकी हत्या कर दी गई।
आरोपी प्रताप ने ही अपने मामा की लड़की रानी से विक्रम की शादी कराई थी। रानी को दो साल का एक बेटा भी है। आरोपी प्रताप का पिता धर्मवीर सिंह शराब का तस्कर है। वह हरियाणा से शराब लाकर यहां सप्लाई करता है। उस पर थाना बरहन में ही कई मुकदमे दर्ज हैं। अवैध शराब बिक्री में वह जेल भी जा चुका है।
हत्या को आत्महत्या का रूप देने की साजिश थीपुलिस ने बताया कि रानी और प्रताप की साजिश थी कि विक्रम की हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप दिया जाए। विक्रम की मां चिल्लाकर भीड़ जमा न करतीं तो वे इसके लिए और प्रयास करते। मौके से खून को साफ कर देते।