कोरोना का कहर : "पहले जांच कराओ फिर गांव के अंदर आना"

कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोग काफी जागरूक हो गए हैं। गांव के लोग ध्यान रख रहे हैं कि कौन व्यक्ति बाहर से आ रहा है। उन्हें गांव में दाखिल नहीं होने दिया जा रहा है और जांच कराकर डॉक्टर की पर्ची लाने के लिए कह रहे हैं। मंगलवार को सीएचसी शामली में एक दर्जन से भी अधिक ऐसे लोग पहुंचे, जिन्हें ग्रामीणों ने प्रवेश नहीं करने दिया।
शामली क्षेत्र के एक गांव निवासी दो युवक मध्य प्रदेश के सागर में आटा चक्की लगाने का काम करते हैं। देशभर में लॉकडाउन है और वहां पर उनका काम बंद हो गया है। ऐसे में किसी तरह वह मंगलवार सुबह शामली पहुंच गए। जिले में एंट्री से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्क्रीनिग की और किसी को भी बुखार व दूसरी दिक्कत नहीं थी। वह गांव में प्रवेश करने ही वाले थे कि लोग आ गए। उन्होंने पूछताछ की। युवकों ने एमपी से आने की बात बताई। 

ग्रामीणों ने पूछा कि डॉक्टर की पर्ची दिखाओ, जिससे पता चल सके कि दोनों बिल्कुल ठीक हैं। इनके पास कोई पर्ची नहीं थी। इस पर ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि पहले अस्पताल जाकर जांच कराओ और फिर गांव में आना। दोनों सीएचसी शामली पहुंचे। चिकित्सकों अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा ने जांच की और ओपीडी पर्ची पर स्वस्थ होना लिखकर दिया। हालांकि कहा कि 14 दिन तक घर में अलग रहना और बाहर नहीं निकलना है। वहीं, बाबरी क्षेत्र के गांव निवासी ट्रक चालक व परिचालक भी सीएचसी आए। इन्होंने भी बताया कि ग्राम प्रधान ने जांच कराकर आने के लिए कहा है और वह पंजाब से आए हैं। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि इस तरह के काफी लोग आ रहे हैं और यह लोगों की जागरूकता का ही परिणाम है।