लॉकडाउन : घर लौटे दलित मजदूर को इतना मारी यूपी पुलिस, वो शर्मिंदगी से

गुड़गांव में मजदूरी करने वाले दलित युवक रोशन लाल ने पुलिस पर बुरी तरह पीटने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक आडियो जारी किया है, जिसमें उसने पुलिस पर बुरी तरह पीटने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है और कहा है कि इसी ज्यादती से तंग आकर वह आत्महत्या कर रहा है। बेटे की आत्महत्या के बाद रोशनलाल के पिता रामचरण ने पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज करायी है, जिसमें उसने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है और इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का रहने वाला रोशनलाल लॉकडाउन की घोषणा के बाद अपने गांव फरिया पिपरिया पहुंचा था। वहां सभी को एक स्कूल में रखा गया था। घर का राशन खत्म होने पर युवक राशन लेने चला गया। रोशनलाल ने जो आडियो जारी किया है उसमें आरोप लगाया है कि पुलिस के एक आरक्षी ने उसकी एक न सुनते हुए बुरी तरह पिटाई कर दी, जिससे उसका एक हाथ टूट गया। वह इस तरह बिना किसी गलती के हुई अपनी हुई पिटाई के बाद बेहद क्षुब्ध होकर मौत को गले लगा रहा है। मरते मरते युवक ने उक्त सिपाही पर कार्रवाई की भी मांग की है।

रोशनलाल का भाई कहता है, ‘मेरा भाई गुड़गांव में बिजली के टावर खड़ा करने में लेवर सप्लाई करता था। लॉकडाउन के चलते वह 29 मार्च को अपने गांव वापस आया था। यही नहीं मेरा भाई रोशनलाल स्वेच्छा से जब तक सरकारी व्यवस्था नहीं हुई तब तक अपने आपको क्वेरनटाइन करने के लिए खेत में बने छप्पर में रहने के लिए चला गया था, लेकिन 30 मार्च को जब प्रशासन द्वारा सभी को स्कूल में रहने का आदेश आया तो वह भी अपने आप स्कूल पहुंच गया।’

वह आगे कहता है, ‘शाम के समय रोशनलाल अपनी भाभी के कहने पर चक्की से आटा उठाकर घर पर देने के लिए स्कूल से निकला था। पुलिस के स्कूल में पड़ताल करने पहुंचने पर रोशनलाल जब मौके पर नहीं मिला, तो पुलिस उसे ढूंढते हुए चक्की पर पहुंच गई। वहीं पर पुलिस ने रोशनलाल को बुरी तरीके से अपमानित करते हुए पिटना शुरू कर दिया, जिससे उसका एक हाथ पर बुरी तरह चोट आयी। रोशनलाल आडियो में कहते हुए सुनायी भी दे रहा है कि शायद मेरा हाथ टूट गया है, क्योंकि यह उठ नहीं रहा। दूसरे हाथ में भी चोट लग गई। साथ ही उसके हिप्स और पैरों पर भी लाठियों के निशान पाये गये थे।’