निजामुद्दीन से लौटे युवक ने आइसोलेशन वार्ड में की अजीब फरमाइश, थाने तक पहुंची सूचना

दिल्ली के निजामुद्दीन तब्लीगी मरकज से लौटे युवकों सहित उनके संपर्क में आए लोगों को नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया है। वार्ड नंबर 128 में दाखिल व्यक्ति ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। व्यक्ति के इस व्यवहार से चिकित्सक और स्टाफ में रोष है। 
कैथल में निजामुद्दीन से लौटे युवकों को जिला अस्‍पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कराया है। इनमें से एक युवक ने पहले रात में हंगामा किया। इसके बाद सुबह जब स्टाफ सदस्य खाने लेकर गए तो उक्त व्यक्ति ने वापस भेज दिया। कहा कि ये खाना उन्हें पसंद नहीं है, इसलिए वे ऐसा खाना नहीं खाएंगे। 
समझाने का प्रयास किया तो दी धमकी

इसे लेकर जब स्टाफ नर्सों ने समझाने का प्रयास किया तो उन्हें भी धमकी देनी शुरू कर दी। एक स्टाफ नर्स ने इस बारे में बताया कि व्यक्ति के व्यवहार से स्टाफ में भय का माहौल है और वार्ड से भागने का भी प्रयास व्यक्ति कर रहा है। गोली मारने की धमकी दी जा रही है। इस कारण वार्ड में कोई भी जाने से डर रहा है। 

थाने में दी गई सूचना

चिकित्सकों ने मामले को लेकर अस्पताल के पुलिस थाना में सूचना दी। चौकी के पुलिस कर्मचारियों ने वार्ड के बाहर खड़े होकर युवक को समझाते हुए शांत किया।

कैथल में चार मुस्लिमों के संपर्क में आए छह अन्य लोग, सभी को आइसोलेशन वार्ड में रखा

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात के मरकज से विभिन्न जिलों में लौटे मुस्लिम लोगों ने सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली से कैथल में भी चार लोग लौटे हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ये पुष्टि नहीं की है कि ये निजामुद्दीन क्षेत्र की मस्जिद से आए हैं, लेकिन दिल्ली से लौटे इन मुस्लिम लोगों के संपर्क में छह अन्य लोग और आए हैं, जिनकी पहचान करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा है। पूंडरी, गुहला और कैथल शहर से ये लोग बताए जा रहे हैं। अब आइसोलेशन वार्ड में रखे गए लोगों की कुल संख्या 11 हो गई है। इनमें 10 मुस्लिम समुदाय से हैं। एक अन्य युवक में कोरोना जैसे लक्षण दिखने पर बुधवार को वार्ड में रखा गया है। विदेश से लौटे एक युवक सहित तीन की रिपोर्ट निगेटिव आने पर छुट्टी दे दी गई है। 

कैथल में अभी कोई पॉजिटिव केस नहीं

कैथल में अभी तक कोई भी पॉजिटिव केस नहीं आया है। अब तक कुल 38 लोगों में से 27 की रिपोर्ट आ चुकी है जो निगेटिव है। जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि 100 बेडों का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। कुल 11 लोगों को रखा हुआ है। जिले में अभी तक पॉजिटिव केस कोई नहीं आया है, जो राहत की बात है। खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की नियमित रूप से जांच की जा रही है। इनमें सैंपल की जरूरत पडऩे पर जांच के लिए भेजा जा रहा है। लोगों से अपील है कि अस्पताल में तभी आएं जब स्थिति ज्यादा गंभीर हो। अब सरकार और प्रशासन का पूरा ध्यान कोरोना महामारी को रोकने में लगा हुआ है। इसलिए सभी लोग इस महामारी को हराने के लिए लॉक डाउन का पालन करें। 

लॉक डाउन तोडऩे वालों के पुलिस ने काटे चालान 

लॉक डाउन तोडऩे वालों के खिलाफ पुलिस भी सख्त रवैया अपना रही है। ऐसे चालकों के चालान किए जा रहे हैं। पुलिस की तरफ से जिले की सीमाओं को पूरी तरह से लॉक किया हुआ है। शहर के अंबाला रोड, खनौरी बाइपास, जींद रोड बाइपास, करनाल रोड बाइपास, ढांड रोड बाइपास और पटियाला रोड बाइपास पर नाका लगाया हुआ है। जहां से प्रवेश करने वाले वाहनों की पूरी जांच की जा रही है। हालांकि अभी भी काफी लोग राशन, सब्जी और दवाई लेने का बहाना बना छोटी गलियों से होते हुए गांव वे शहर और शहर के लोग इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे लोगों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस जिले में चार जगह अस्थाई जेल बनाने की तैयार की जा रही है। जिला यातायात पुलिस इंचार्ज मुख्त्यार ङ्क्षसह ने बताया कि लॉक डाउन का पालन न करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

अफवाहों पर ध्यान न दें लोग : एसपी

एसपी शशांक कुमार सावन ने कहा कि कोरोना को जंग से हराने के लिए सभी लॉक डाउन का पालन करें। घरों से बाहर न निकलेंगे तो महामारी लेकर वापस लौटेंगे। इसलिए सरकार की हिदायतों की अनदेखी न करें। अफवाहों पर ध्यान न दें। ग्रुप में गलत पोस्ट या जानकारी डालने वालों असामाजिक तत्वों को लेकर पुलिस अलर्ट है।