लॉकडाउन में एंबुलेंस नहीं आई तो स्कूटी से ही लेकर पहुंचे मरीज को, फिर रास्तें में ही हो गई मौत!

इंदौर में बिना एंबुलेंस के एक मौत की घटना के बाद मंगलवार दोपहर को खंडवा में भी एक बुजुर्ग ने एंबुलेंस के अभाव में दम तोड़ दिया। सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर पुत्र लगातार एंबुलेंस 108 पर फोन लगाते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। पुत्र व अन्य परिजन बीमार बुजुर्ग को स्कूटी पर लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब उनकी मौत हो गई थी। बीमार बुजुर्ग कंटोंमेंट क्षेत्र निवासी होने से आसपास वाले भी उनकी कोई मदद नहीं कर पाए। 
खड़कपुरा अग्रवाल धर्मशाला की गली में रहने वाले बुजुर्ग शेख हमीद (65) की मंगलवार दोपहर को तबीयत खराब हुई थी। दोपहर 3 बजे करीब उन्हें सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत हुई, जिसके बाद उनकी पत्नी ने गुलशन नगर में रहने वाले पुत्र सईद को फोन लगाकर जानकारी दी। सईद ने बताया कि उन्होंने करीब एक घंटे तक 108 एंबुलेंस पर लगातार फोन लगाया, लेकिन वहां से कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने डॉयल 100 पर भी इसकी जानकारी दी। वहां से भी कोई संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं मिला। 
इसके बाद वे खुद घर पहुंचे और पिता को स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल ले गए। अस्पताल के गेट के सामने ही उनके पिता ने दम तोड़ दिया। पुत्र व अन्य लोग बुजुर्ग को अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक खड़कपुरा कंटेंमेंट क्षेत्र का निवासी होने से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उनका शव घर नहीं ले जाने दिया। बुधवार सुबह शव परिजनों को सौंपा जाएगा और सीधे कब्रस्तान ले जाया जाएगा। पुत्र ने बताया कि पिता कोरोना पॉजिटिव नहीं है। पिता को तो वो खो चुके है, सिर्फ प्रशासन से इतनी अपील है कि उनके पिता का शव घर ले जाने दिया जाए, ताकि मां उन्हें अंतिम बार देख ले।