कोरोनावायरस की आड़ में चल रहा था बड़ा खेल, खुली पोल तो मचा हड़कंप

कोरोनावायरस ने सैनिटाइजर के प्रयोग को अचानक से बढ़ा दिया है। सैनिटाइजर की बढ़ती मांग के चलते मार्केट से सैनिटाइजर गायब हो गया है। इसी का फायदा उठाकर लखनऊ प्रशासन की नाक के नीचे जालसाजों ने नकली सैनिटाइजर बनाने की फैक्‍ट्री खोल ली। इतना ही नहीं यहां से सैनिटाइजर बनाकर बड़े पैमाने पर मार्केट में खपाया जाने लगा। 
इसकी सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने एक टीम का गठन कर छापा मारने के आदेश दिए। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने छापेमारी की तो सूचना की पुष्टि हुई और नकली सैनिटाइजर बनाने के कारखाने का भंडाफोड़ हुआ।
आपको बता दें कि जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के दिशा निर्देश पर निशातगंज क्षेत्र में महालक्ष्मी केमिकल्स की फैक्ट्री में बिना ड्रग मैन्यूफैक्चररिंग लाइसेंस के आइसोप्रोफाइल अल्कोहल से बनाई गई  सैनिटाइजर की 100ml पैकिंग की 10000 बोतलें पकड़ी गई।  
इस स्टॉक को सीज कर दिया गया है और फर्म के प्रोपराइटर नीरज कुमार खरे के विरुद्ध ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के अंतर्गत सुसंगत धाराओं में थाना निशातगंज में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन अरविंद गुप्ता, चीफ ड्रग इंस्पेक्टर सीतापुर समेत चार सदस्य टीम द्वारा की गई है।