चीन से आई एक और बुरी खबर, काल के गाल में समा गए इतने ज्यादा लोग

चीन के दक्षिण पश्चिमी प्रांत युन्नान में कोयला खदान का एक हिस्सा ढहने से पांच लोगों की मौत हो गयी है। स्थानीय अधिकारियों ने रविवार को बताया कि युन्नान प्रांत के लुओपिंग काउंटी स्थित शुजेंशियन कोयला खदान का एक हिस्सा स्थानीय समयानुसार रात करीब 09:10 बजे ढह गया। इस दौरान खदान के उस हिस्से में 22 कर्मी काम कर रहे थे जिनमें से 17 को सुरक्षित निकाल लिया गया। राहत एवं बचाव कर्मियों ने बाद में पांच खननकर्मियों के शवों भी बाहर निकाले लिये हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
आप को बता दें कि पिछले साल भी चीन में कोयला खदान में हादसे हुई थी जिसमें 21 मजदूरों की मौत हो गई थी। शांक्सी प्रांत हुए इस हादसे में कोयला खदान की छत ढह गई जिसमें दर्जनों खनिक कर्मी दब गए। रविवार को बचावकर्मियों को खदान में फंसे 2 और खनिक कर्मियों के शव मिले। जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 21 हो गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक दुर्घटना शनिवार शाम लगभग 4.30 बजे शेन्मू शहर में बेजी माइनिंग कंपनी के लिजियागोउ कोयला खदान में हुई।

हादसे के समय 84 लोग खदान में काम कर रहे थे, जिनमें से 66 को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में भी चीन में कोयला खदान दुर्घटना में पांच मजदूर मारे गए थे। यह दुर्घटना फुजियान प्रांत के लोनग्यान शहर के एक कोयला खदान में हुई थी। कोयला खदान में होने वाले हादसों में मृतकों की संख्या में हालांकि कमी आई है लेकिन चीन में खदान हादसे आम हैं। चीन विश्व का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है।
चीन में कोयला खदान देश की ऊर्जा के मुख्य स्रोत हैं, जोकि दुनिया में सबसे खतरनाक हैं। हालांकि हाल के सालों में इन दुर्घटनाओं में मरनेवालों की संख्या में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है। साल 2017 में चीन के कोयला खदानों में 219 दुर्घटनाएं हुईं थी, जिसमें 375 लोग मारे गए, जोकि साल 2016 की तुलना में 28.7 फीसदी कम है। जबकि यह दशक के शुरुआती सालों की तुलना में 20 गुणा कम है। उस वक्त खदान दुर्घटनाओं में हर साल करीब 7,000 लोग मारे जाते थे।