निजामुद्दीन मरकज की तबलीगी जमात: यूपी सरकार को हाथ लगी बड़ी सफलता

यूपी सरकार ने दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात में शामिल होकर लौटे 95 प्रतिशत लोगों की पहचान कर ली है। इसके साथ ही यह भी निर्देश जारी किया गया है कि जिन लोगों ने अपनी पहचान जाहिर नहीं की, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अब  केवल 10 से 12 लोगों की पहचान बाकी है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों व सीएमओ को निर्देश जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एचसी अवस्थी ने पुलिस अधीक्षकों को मुस्तैद कर दिया है। इनकी तलाश कर अब सभी को वहीं तत्काल क्वारंटाइन किया जाएगा, जहां पर यह लोग मिल रहे हैं। तबलीगी जमात से वापस लौटने वाले बिजनौर, बागपत, सहारनपुर, शामली तथा मुजफ्फरनगर से काफी लोग मिले हैं।

निजामुद्दीन मरकज से विदेशी नागरिक लखनऊ के अमीनाबाद के मरकज में प्रचार-प्रसार करने गए थे। यहां पर किर्गिस्तान के आधा दर्जन नागरिकों के रुके होने की सूचना थी। यहां पर सभी सभी वैध वीजा के साथ रुके थे। इनको मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है।

सूत्रों के अनुसार, सभी विदेशी नागरिकों की मेडिकल जांच कराई जा रही है। इन्हें आइसोलेशन में रखा जा रहा है। यही नहीं, मड़ियांव और काकोरी इलाके की मस्जिदों में भी कई विदेशी नागरिकों के रुके होने की खबर है। मंडियांव में 17 बांग्लादेशी नागरिकों के रुके होने की सूचना है।

सूत्रों के अनुसार, संभल जिले के स्वास्थ्य विभाग को इनपुट मिला है कि दिल्ली की जिस तबलीगी जमात में बड़ी संख्या में लोग कोरोना आशंकित मिले हैं, उनमें 20 लोग संभल के भी शामिल थे।

इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गंभीरता का अंदाजा इसी से लग जाता है कि वह आगरा तथा मेरठ का दौरा रद्द कर लखनऊ पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर उनको निर्देश दिया।

बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी में उत्तर प्रदेश के 19 जिलों के 157 लोग शामिल हुए थे। इनमें शामिल तेलंगाना का दस लोगों की कोरोना से मौत के बाद हाहाकार मच गया। इसमें विदेश से भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। चार दिन के जलसे में विदेशी बिना जांच के शामिल होने में सफल रहे थे।