जब असली चोरी होने पर टीवी की CID टीम को पुलिस ने बोला सॉल्व करो केस

देश में जब क्राइम सीरियल या फिर कॉप शो की बात आती है तो सीआईडी को हमेशा सबसे ऊपर रखा जाता है क्योंकि इस शो ने हर मायने में इतिहास रचा था. ये शो सबसे लंबे वक्त तक चला भी और इसने लगातार दर्शकों के दिलों को भी जीता. अब उसी शो को कोरोना के बीच फिर दर्शकों के बीच परोसा जा रहा है.
सीआईडी की जान हमेशा से तीन किरदार थे. एसीपी प्रद्युमन, इंस्पेक्टर दया और इंस्पेक्टर अभिजीत. इन तीनों ने मिलकर हर मुश्किल केस को आसान बना दिया था. इनको देख हमेशा ऐसा ही लगता है कि अगर ऐसे कॉप सच में होते तो देश में हर क्राइम चुटकियों में सॉल्व हो जाता.
वैसे सीआईडी सीरियल में तो एसीपी प्रद्युमन ने मुश्किल से मुश्किल केस सुलझाएं ही हैं, लेकिन आप को ये जानकर हैरानी होगी कि एक वक्त ऐसा भी था जब निजी जिंदगी में भी एसीपी प्रद्युमन को पुलिस ने खुद बोल दिया था कि ये चोरी का केस आप सॉल्व करें.
एक इंटरव्यू में खुद शिवाजी उर्फ एसीपी प्रद्युमन ने इस बात का खुलासा किया था. उन्होंने बताया था कि जब वो सेंट्रल बैंक में नौकरी करते थे, उस समय उनका शो सीआईडी बस शुरू ही हुआ था. उस समय उनके साथ एक बड़ी ही फनी घटना हुई थी.
शिवाजी बताते हैं कि जिस बैंक में वो नौकरी करते थे एक बार वहां बड़ी घटना हुई थी. उनके मुताबिक उनके बैंक के बाहर एक बूढ़े शख्स को किसी ने बंदूक की नोंक पर पकड़ रखा था. उस समय वो बूढ़ा शख्स खूब चिल्ला रहा था. ऐसे में शिवाजी ने जोर से चिल्लाया और वो भागकर बाहर गए. लेकिन तब तक वो इंसान उस बूढ़े शख्स के पैसे लेकर फरार हो गया.
शिवाजी के मुताबिक उसके बाद मुंबई पुलिस बैंक पहुंची और मामले की जांच शुरू की. लेकिन जो बूढ़ा शख्स था उसे पुलिस पर भरोसा ना होकर शिवाजी पर भरोसा था. उस बूढ़े इंसान ने शिवाजी से मदद की गुहार भी लगाई. इस पर वहां मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर ने शिवाजी को ही वो केस सॉल्व करने को कह दिया.
सिर्फ यही नहीं पूरे 2 साल बाद शिवाजी को पुलिस स्टेशन में बुलाया गया आरोपियों की पहचान करने के लिए. शिवाजी ने एक आरोपी की पहचान भी कर ली. अब शिवाजी सातम इसी घटना को अपनी जिंदगी में सबसे फनी मानते हैं और वो पल भी जब उन्हें असल जिंदगी में केस सॉल्व करने का मौका मिला.