औरत दुर्गा भी होती है'...वर्दी पहनने को बनी IPS, 6 फीट लंबी लेडी सिंघम से कांपते हैं बदमाश

मशहूर आईपीएस महिला ऑफिसर ज्योतिप्रिया सिंह कद में 6 फीट लंबी हैं और उन्हें एक दबंग ऑफिसर के रूप में जाना जाता है। पुणे में इस समय डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात ज्योतिप्रिया मनचलों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के लिए जानी जाती हैं। जिस क्षेत्र में ज्योति प्रिया सिंह की तैनाती होती है वहां के मनचलों की तो मानो शामत ही आ जाती है।
कोल्हापुर में एसपी के पद पर तैनात रहते हुए उन्होंने शिवसेना की एमएलए और उसके समर्थकों पर लेडी पुलिस अफसर पर छेड़छाड़ का केस दर्ज करवा कर सकते में डाल दिया था। गणेश विसर्जन के दौरान लेडी पुलिस ऑफिसर पर जूता फेंकने की घटना और पुलिस से लाठी छीन कर उस पर हमला करने की घटना को इन्होंने गंभीर रूप से लिया और इस घटना में शामिल लोगों पर एक्शन लिया था। राजनीतिक दबाव होने के बावजूद भी उन्होंने अपना केस वापस नहीं लिया। बस यहीं से ज्‍योतिप्रिया की छवि लेडी सिंघम के रूप में लोगों की नजरों में आई।
ज्योतिप्रिया 2008 बैच की आईपीएस ऑफिसर हैं। वे फिलहाल जालना में एसपी की पोस्ट पर तैनात हैं। ज्योति बचपन से एक आईएएस ऑफिसर बनना चाहती थीं। लेकिन यूपीएससी की परीक्षा में ज्योति को 171 रैंक मिली और उन्हें आईपीएस कैडर लेना पड़ा। वे बॉस्केटबॉल प्लेयर थीं, जिसमें उन्होंने स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर कई बार अपनी टीम को रिप्रिजेंट किया। जालना के पहले वे महाराष्ट्र के कोल्हापुर शहर में एडिशनल एसपी के पद पर पोस्टेड थीं। 2002-03 में उन्हें चांसलर मैडल से भी सम्मानित किया गया था। स्टडीज के अलावा ज्योतिप्रिया स्पोर्ट्स में भी हमेशा आगे रही हैं। वे बास्केटबॉल की अच्छी प्लेयर हैं।
कोल्हापुर में एडिशनल एसपी के पद पर रहते हुए आईपीएस ज्योतिप्रिया सिंह ने शिवसेना के उस समय के एमएलए राजेश क्षीरसागर और उनके समर्थकों पर छेड़छाड़ करने का केस दर्ज किया था। दरअसल, गणेश विसर्जन के दौरान शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने लेडी पुलिस फोर्स की कुछ अफसरों से छेड़छाड़ की थी। इस बात से नाराज होकर ज्योतिप्रिया सिंह ने एमएलए क्षीरसागर पर केस दर्ज किया था। पॉलिटिकल प्रेशर होने के बावजूद उन्होंने केस वापस नहीं लिया।
जालना में अपने 3 साल के कार्यकाल में उन्होंने अवैध धंधे तो बंद करवाए ही अपराध के स्‍तर में भी यहां काफी कमी आई थी। कोल्हापुर में एडिशनल एसपी की पोस्ट के दौरान जब कुछ लड़कियों ने ज्योति प्रिया को मनचले लड़कों की शिकायत की तो उन्होंने एक विशेष ऑपरेशन के तहत सिविल ड्रेस में बाइक पर घूम घूम कर मनचलों को गिरफ्तार कर उनकी पिटाई भी की। उनके परिवार वालों को भी उनकी हरकतों के बारे में जानकारी दी थी। उस समय ज्योतिप्रिया सोशल मीडिया पर एक दिन में 80 मनचलों को पकडऩे के बाद चर्चा में आ गई थीं।

90 प्रतिशत आम जनता जो अपराध से छुटकारा पाना चाहती है उन 90 प्रतिशत लोगों के लिए ज्‍योतिप्रिया काम करती हैं। बाकी 10 प्रतिशत जो उनके काम से नाखुश होते हैं वह उनकी बिल्कुल परवाह नहीं करती हैं। उनका मानना है कि अधिक से अधिक महिला पुलिस अफसरों की तैनाती महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों को कम करने में काफी हद तक सहयोग कर सकती है। लेडी सिंघम के रूप में देशभर में फेमस ज्योति बहुत से लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं।
हमारे देश में यूं तो महिलाओं को पूजा जाता है। घर की लक्ष्मी माना जाता है लेकिन समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ते हुए अपराध भी चिंता का विषय है। लड़कियां घर से बाहर जाने को भी डरती हैं। ऐसे में एक लड़की ने महिला अपराधों में कमी लाने के लिए वर्दी पहनने की ठानी। वो पहले सिविल सर्वेंट बनना चाहती थी जब IPS बनी तो सबसे पहले महिला अपराधों पर लगाम कसी। उसका मानना है कि औरत सिर्फ लक्ष्मी नहीं होती दुर्गा भी होती है इसी सोच के साथ वर्दी पहनी और मनचलों की धर पकड़कर पिटाई भी की। लेडी सिंघम होने का जीता जागता उदाहरण प्रस्तुत किया है आईपीएस ऑफिसर ज्योतिप्रिया सिंह ने। IPS सक्सेज स्टोरी में हम आपको आज ज्योति के संघर्ष और जज्बे की कहानी सुना रहे हैं।