दिल्ली में खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के तीन आतंकी हुए गिरफ्तार, शिव सेना नेता सहित 18 लोग थे निशाने पर!

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट (केएलएफ) मॉड्यूल के तीनों खालिस्तानी आतंकी भारत में बड़े स्तर पर कत्लेआम मचाने की जुगत में थे। शिव सेना के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और बजरंग दल के नेता सहित अन्य धार्मिक संगठनों के लोग उनके निशाने पर थे। मौका देखते ही वे उनकी हत्या करने की जुगत में थे।

18 लोगों की सूची थी तैयार


आतंकियों ने ऐसे 18 लोगों की सूची तैयार की थी। इसमें वारदात को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए आठ की रेकी भी पूरा कर चुके थे। जिन लोगों की सूची आतंकियों ने तैयारी की थी उनमें से ज्यादातर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के रहने वाले हैं। यही नहीं कुछ कारोबारी के नाम भी आतंकियों की हिट लिस्ट में हैं। हालांकि आतंकियों ने कारोबारियों को वसूली करने वालों की सूची में रख रखा था।

पूछताछ में चार और युवकों का चला पता


पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकियों से पूछताछ में चार अन्य युवकों का पता चला है। सभी पंजाब के रहने वाले हैं और हथियार के प्रशिक्षण के लिए उन्हें जल्द पाकिस्तान भेजने की तैयारी थी। आतंकी आदोलन से प्रेरित युवको को अपने नेटवर्क में जोड़ रहे थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम ने उन चारों संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है।

स्‍पेशल सेल कर रही छापेमारी

फिलहाल पुलिस से बचने के लिए चारों पंजाब व हरियाणा में छिपकर रह रहे हैं। उन्हें दबोचने के लिए स्पेशल सेल की टीम दो टीमें अलग-अलग पंजाब और हरियाणा में छापेमारी कर रही है। अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार अातंकी गत चार-पांच वर्ष से सक्रिय थे। लेकिन, पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर पिछले आठ महीने से उन्होंने भारत में केएलएफ का अपना नेटवर्क बनाना शुरू किया था। इसी बीच इसकी भनक दिल्ली पुलिस को लग गई और करीब तीन महीने की मशक्कत के बाद स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव की टीम ने खालिस्तानी आतंकी मोहिंदर पाल सिंह, गुरतेज सिंह और लवप्रीत के गिरफ्तार कर लिया।

आइएसआइ के हैंडलर के संपर्क में थे ये तीनों आतंकी

तीनों आतंकी पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ के हैंडलर अब्दुल्ला, भारत में प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के अवतार सिंह अौर गोपाल सिंह चावला के संपर्क में थे। उन्हें पाकिस्तान में छुपा जैश-ए-मोहम्मद का चीफ हाफिज सईद टारगेट और वारदात के लिए निर्देश दे रहा था। आतंकी गुरतेज सिंह बड़े स्तर पर लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ रहा था।

युवाओं को प्रशिक्षण के लिए पाकिस्‍तान भेजने की थी तैयारी

वहीं, लवप्रीत सोशल मीडिया के माध्यम से युवाऔं को अपनी ओर लुभाने में लगा हुआ था। उसने चार कट्टर नौजवानों को अपने नेटवर्क से जोड़ा था। उन चारों को प्रशिक्षण के लिए जल्द पाकिस्तान भेजने की योजना थी। दरअसल स्पेशल सेल ने 15 जून को उत्तम नगर के हस्तसाल से पहले मोहिंदर पाल सिंह और बाद में पंजाब से गुरतेज सिंह और लवप्रीत को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि मुंबई हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद खालिस्तानी अांदोलन को हवा देकर देश में बड़े पैमाने पर खून-खराबा कराना चाहता है। इसके लिए वह इन तीनों का सहारा ले रहा था।