चीन के साथ झड़प में 20 भारतीय जवानों की शहादत, यूपी के डिप्टी सीएम समेत तमाम नेताओं ने दी श्रद्धांजलि!

लद्दाख में भारत और चीन के बीच हुई झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने की खबर ने सभी को झकझोर दिया है। उत्तर प्रदेश के नताओं ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुये प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि दी है। यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि चीन के साथ हुई झड़प में घायल जवानों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करता हूं। मौर्य ने ट्वीट करते हुये लिखा कि शहीद जवानों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं। आपका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया कि चीन के साथ झड़प में शहीद हुये जवानों की शहादत को सलाम। चीन के साथ झड़प में हमारे देश के अनेक जवानों के शहीद होने की ख़बर हर देशवासी को दहलानेवाली है। शहादत को सलाम। यही नहीं उन्होंने केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि सरकार अब तो सच बोले।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुये लिखा कि भारतीय सेना के जवानों की शहादत को नमन करता हूं। रावत ने लिखा कि विषम परिस्थितियों में भी हमारे जवान मातृभूमि की रक्षा में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना के साथ खड़ा है।
लद्दाख में भारत चीन सीमा पर झड़प में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों की शहादत को कोटि कोटि नमन करता हूं। विषम परिस्थितियों में भी हमारी सेना दृढ़ विश्वास से देश की रक्षा में डटी है।यह हमारी सेना के युद्धकौशल और पराक्रम को दर्शाता है। देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना के साथ है।

20 भारतीय जवान हुये शहीद

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए। पिछले पांच दशक से भी ज्यादा समय में सबसे बड़े सैन्य टकराव के कारण क्षेत्र में सीमा पर पहले से जारी गतिरोध और भड़क गया है। सरकारी सूत्रों ने कहा है कि चीनी पक्ष के भी 43 सैनिक हताहत हुए हैं।

सेना ने शुरू में कहा कि एक अधिकारी और दो सैनिक शहीद हुए। लेकिन, देर शाम जारी बयान में कहा गया कि 17 अन्य सैनिक “जो अत्यधिक ऊंचाई पर शून्य से नीचे तापमान में गतिरोध के स्थान पर ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उन्होंने दम तोड़ दिया है। इससे शहीद हुए सैनिकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।