राजस्थान में 24 घंटे में कोरोना के 123 नए केस, मामलों को देखते हुए सरकार ने पड़ौसी राज्यों की सीमा पर आवागमन को 7 दिन के लिए नियंत्रित किया!

राजस्थान में अचानक कोरोना संक्रमितों के बढ़ने के बाद प्रदेश सरकार ने अंतरराज्यीय सीमा पर वाहनों का आवागम नियंत्रित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उच्च अधिकारियों की बैठक लेकर अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। गहलोत ने कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकना सरकार की प्राथमिकता है।दरअसल, पिछले दो दिन में संक्रमितों एवं मौतों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी के बाद सरकार ने बुधवार सुबह अन्य राज्यों से लगती हुई राजस्थान की सीमा को सील करने के आदेश जारी किए थे। हालांकि करीब एक घंटे बाद ही एक संशोधित आदेश जारी किया गया, जिसमें सीमा सील करने के बजाय आवागमन को नियंत्रित करने की बात कही गई।

राजस्थान में अनलाॅक एक के बाद कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दूसरे राज्यों से लगती हुई सीमाएं एक बार फिर सील कर दी गई हैं। इस बारे में राजस्थान पुलिस ने आदेश जारी कर दिए हैं और सभी जिलों को यह निर्देश दिए हैं कि अंतरराज्यीय आवागमन को नियंत्रित किया जाए, तथा बिना अनुमति पत्र किसी को भी राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं  दिया जाए।

राजस्थान में एक जून को अनलाॅक एक के बाद से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े है। हर रोज औसतन दो सौ से ढ़ाई सौ केस आ रहे है। मंगलवार को यह आंकड़ा बढ़ कर 369 तक पहुंच गया जो एक दिन में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा हैं। वहीं बुधवार को भी सुबह 10.30 बजे तक 123 मामले सामने आ चुके है। वहीं मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और अब तक 256 मौतें हो चुकी है।

इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार सुबह आपातकालीन बैठक की और राज्य की सभी सीमाएं सील करने के आदेश दिए। राजस्थान पुलिस मुख्यालय से इस बारे में जारी आदेश में कहा गया है कि जिला कलक्टर या पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी किए गए पासधारक ही दूसरे राज्यों में जा सकेंगे और राजस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही किसी को राजस्थान में प्रवेश दिया जाएगा। पास सिर्फ आपातकालीन परिस्थिति जैसे स्वास्थ्य या किसी मौत के मामले में ही जारी किए जाएंगे। हवाई अडडे, रेलवे स्टेशन आदि भी पुलिस की चैक पोस्ट रहेगी और बिना अनुमति किसी को नहीं आने दिया जाएगा। यह आदेश जारी होने के बाद दिल्ली और हरियाणा से आने वाले को नियंत्रित करने के लिए भिवाड़ी व शाहजहांपुर में चैकपोस्ट स्थापित किया गया, वहीं गुजरात से आने वाले वाहनो को नियंत्रित करने के लिए रतनपुर एवं मावल सीमा पर पुलिस व परिवहन विभाग की चौकी जाब्ता तैनात किया गया। उत्तरप्रदेश के आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेवजह वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए पुलिस व परिवहन विभाग का जाब्ता तैनात किया गया। पंजाब से लगे श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़, मध्यप्रदेश से सटे चित्तोड़गढ़ एवं झालावाड़ में वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।

आदेश आगामी 7 दिन तक प्रभावी रहेगा

बुधवार को सुबह पुलिस महानिदेशक ( लॉ एंड ऑर्डर) एम.एल लाठर ने संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों व परिवहन आयुक्त रवि जैन ने परिवहन अधिकारियों को सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर आवागमन को नियंत्रित करने के ऑर्डर जारी किए यह आदेश आगामी 7 दिन तक प्रभावी रहेगा। उसके बाद अगर कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मिलने की संख्या कम हुई तो आदेश में बदलाव किया जाएगा। लेकिन इसके विपरीत अगर संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती गई तो इस आदेश को आगे बढ़ाया जाएगा।  लोंगों से कहा गया है कि वे विशेष परिस्थितियों में ही आवाजाही करें । सीमा पर तैनात पुलिस व परिवहन की टीम से कहा गया है कि तय किए गए अधिकारियों का अनुमति पत्र देखने के बाद ही आवाजाही की मंजूरी दी जाए। आदेश के बाद सुबह सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस व परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने चैकिंग के बाद ही वाहनों की आवाजाही की मंजूरी दी।अचानक बॉर्डर पर सख्ती करने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पुलिसकर्मी पूरी सतर्ककता बरतते हुए बॉर्डर पर मुस्तैद हो गए हैं।उल्लेखनीय है कि दो दिन में करीब 600 रोगी मिले हैं। प्रदेश में अब तक 11,400 संक्रमित मिलने के साथ ही 256 की मौत हुई है।