दिल्ली में हर 25 मिनट में हो रहीं हैं एक मौत जिसके बाद बढ़ाए गए चार श्मशान घाट और दो कब्रिस्तान!

दिल्ली में कोरोना वायरस से मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. यहां एक से 11 जून तक कुल 14843 संक्रमण के केस सामने आये हैं. जबकि, गुरुवार को 65 लोगों की मौत हो गयी. दिन-ब-दिन स्थिति दयनीय होती जा रही है, जिसकी गंभीरता को देखते हुए यहां चार श्मशान घाट और दो कब्रिस्तान बढ़ाए गए है। हाल ही में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी कोरोना जैसे लक्षण दिखने के बाद कोविड-19 का टेस्ट करवाया था. हालांकि, उनका टेस्ट नेगिटीव निकला. लेकिन, इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां, भय का क्या माहौल है.
11 जून को दिल्ली में 1877 केस समाने आए है. जबकि, जीन्यूज की मानें तो इस दौरान 65 लोगों की मौत भी हो गयी. अगर घंटों के हिसाब से देखा जाए तो करीब हर 25 मिनट में एक व्यक्ति की मौत गुरुवार को मौत हुई है. अभी दिल्ली में 32,000 से अधिक सक्रिय मामले हैं.

एक जून से 11 जून तक दिल्ली की स्थिति

दरअसल, एक जून के बाद यहां एक भी दिन 1000 से कम संक्रमित नहीं मिले है. एक जून को यहां कुल 990 संक्रमित मिले थे, जो 308 की बढ़त के साथ 2 जून को कुल 1298 पहुंच गए. इसी तरह 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 और 10 जून को यहां 1513, 1359, 1330, 1320, 1320, 1282, 1007, 1366 और 1501 केस पाए गए है. कोरोना की इस बढ़ती रफ्तार ने अन्य सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है.
अगर पूरे भारत की बात करे तो देश में फिलहाल, 287000 पॉजिटिव मामले हैं. जिनमें 8102 लोगों की मौत हो गयी है. वहीं, अच्छी बात यह है कि 141000 मरीज स्वस्थ भी हो चुके हैं. दिल्ली जो लॉकडाउन 5.0 के बाद संक्रमित केस में सबसे अधिक तेजी से भाग रही है. यहां अबतक कुल 32,810 संक्रमित मामले है और 984 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

सर्वाधिक पांच राज्यों में संक्रमण और मौत की स्थिति
फिलहाल, दिल्ली महाराष्ट्र से भी आगे चला गया है. टॉप पांच संक्रमित राज्यों में दिल्ली पहले नंबर पर चल रहा है. 11610 केस और 321 मौत के साथ उत्तर प्रदेश पांचवें नंबर पर है. जबकि, 21,521 पॉजिटिव केस और 1,347 मौत के साथ गुजरात चौथे नंबर पर है. वहीं, तमिलनाडु में अबतक कुल 36,841 कन्फर्म केस हैं. यह राज्य तीसरे स्थान पर तो जरूर हैं लेकिन यहां मौत का आंकड़ा 326 ही है जो गुजरात से काफी कम है. लेकिन, महाराष्ट्र जो दूसरे स्थान पर है, यहां 94,041 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं. पूरे देश में सबसे ज्यादा 3,438 मौत यहीं हुई है.