देश की पहली कोरोना टेस्टिंग मोबाइल लैब हुई लॉन्च, अब गांव-कस्बों में भी हो सकेगा 500 से ज्यादा कोरोना टेस्ट!

देश में हर दिन तेज़ी से आ रहे कोरोना मामलों के बीच अब भारत ने टेस्टिंग की क्षमता भी बढ़ा दी है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने गुरुवार को देश की पहली कोरोना टेस्टिंग मोबाइल लैब लॉन्च की है। ये दूर-दराज के इलाकों में तैनात होगी। जो कि कोरोना टेस्टिंग में काम आएगी, ये लैब किसी भी इलाके में टेस्ट कर पाएगी। देश में ये अपनी तरह की पहली लैब है।
ये मोबाइल लैब प्रतिदिन 25 RT-PCR टेस्ट, 300 ELISA टेस्ट कर सकती है। ख़ास बात ये है कि यह लैब टीबी और HIV की भी जांच कर सकता है। मोबाइल लैब को आधुनिक सुविधा से तैयार किया गया है।  इस लैब को लॉन्चिंग करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमने कोविड टेस्टिंग की लड़ाई 1 फरवरी से एक लैब से शुरू किया था। आज देश भर में हमारे पास 953 लैब हैं। इन 953 में से लगभग 699 सरकारी लैब हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों में टेस्ट की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे इंनोवेशन विकसित किए गए हैं।
थर्मल स्क्रीनिंग, वेंटिलेटर, कोविड-19 टेस्ट डिवाइस, 3 डी मास्क वगैरह बनाने वाली आंध्र प्रदेश की कंपनी AMTJ ने इस आई-लैब का नाम दिया है। भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से इसे तैयार किया गया है। इसमें RT-PCR जांच के साथ साथ एलाइजा टेस्टिंग की सुविधा भी होगी।
यह रैपिड रेस्पांस मोबाइल लैबोरेटरी एक बड़े ट्रक पर होगी, जिसे किसी भी क्षेत्र में ले जाया जा सकेगा। जानकारी के मुताबिक इस लैब को देश के ग्रामीण क्षेत्र, कस्बे और झुग्गी इलाकों के लिए तैयार किया है, जहां पहुंच कर लोगों की कोरोना जांच की जा सकेगी। इन लैब को अलग-अलग एयरपोर्ट पर भी उपलब्ध कराया जा सकता है।
इस मोबाइल लैब को लेकर डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि दूर-दूराज के इलाकों में टेस्टिंग के लिए इनका इस्तेमाल किया जाएगा। देश में अबतक कोरोना वायरस के कुल 63 लाख टेस्ट हो चुके हैं, बीते चौबीस घंटे में देश में करीब पौने दो लाख टेस्ट हुए। ICMR की ओर से लक्ष्य रखा गया है कि जून के अंत तक देश में रोज करीब तीन लाख टेस्ट किए जाएं। अभी रोज करीब डेढ़ लाख टेस्ट ही हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में टेस्टिंग पर जोर देने की बात कही थी।