यूपी बोर्ड परीक्षा में करीब 8 लाख छात्र हिंदी में हुए फेल, दो साल से चल रहा है यही हाल!

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शनिवार को 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित किया। इस बार का रिजल्ट औसतन बेहतर रहा। मगर हिंदी में फेल होने वाले स्टूडेंट का आंकड़ा काफी ज्यादा है। दसवीं और बाहरवीं कक्षा को मिलाकर कुल 7.97 स्टूडेंट हिंदी में फेल हो गए। यूपी बोर्ड के अधिकारी ने बताया, लगभग 2.70 लाख छात्र इंटरमीडिएट में हिंदी परीक्षा में पास नहीं हो पाए। वहीं हाई स्कूल में फेल होेने वाले छात्रों की संख्या 5.28 लाख है।

सरल शब्द लिखने में आई दिक्कत

वहीं हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के मिलाकर कुल 2.39 लाख छात्रों ने हिंदी पेपर को छोड़ दिया था। क्लास 12th की हिंदी की कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले स्कूल के शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "बहुत से बच्चों को 'आत्मविश्वास' जैसे सरल शब्द नहीं पता थे और उन्होंने 'इंग्लिश में कांफिडेंस' लिखा था, जिसकी स्पेलिंग भी गलत थी। यही नहीं कुछ बच्चों ने 'यात्रा' शब्द की जगह 'इंग्लिश में सफर' लिखा।

पिछले साल 10 लाख बच्चे हुए थे फेल

शिक्षक का कहना है कि यह भाषा के ज्ञान के उनके स्तर को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश छात्र हिंदी को अनदेखा करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इस भाषा का अध्ययन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस बीच बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल हिंदी में फेल होने वाले छात्रों की संख्या लगभग 10 लाख थी। इस साल यूपी बोर्ड की बोर्ड परीक्षा में लगभग 56 लाख छात्र शामिल हुए थे।