भारत-चीन विवाद पर आज सर्वदलीय बैठक, सोनिया-ममता होंगी शामिल, AAP को न्योता नहीं!

चीन और भारत के बीच सीमा विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी को सरकार ने न्योता नहीं दिया है। आप ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की है।
आज शाम पांच बजे होने वाली इस बैठक में अलग-अलग पार्टियों के अध्यक्ष शामिल होंगे। इस बैठक में भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक, जिन पार्टियों के पांच से ज्यादा सांसद हैं सिर्फ उन्हें ही इस बैठक में शामिल होने का निमंत्रण मिला है।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, जेएएम अध्यक्ष हेमंत सोरेन, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू शामिल होंगे। शिवसेना के प्रमुख और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक भी बैठक में शामिल होंगे।
इनके अलावा सीपीआई-एम के महासचिव सीताराम येचुरी, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एमके स्टालिन बैठक में शामिल होंगे। सर्वदलीय बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी विपक्षी पार्टी के अध्यक्षों से बात की है। राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती और कई अन्य नेताओं से बात की।

'आप' ने जताई नाराजगी
सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का न्योता नहीं मिलने पर आम आदमी पार्टी ने नाराजगी जाहिर की है। आप के सांसद संजय सिंह ने कहा कि केंद्र में एक अजीब अहंकार ग्रस्त सरकार चल रही है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली में सरकार है। पंजाब में मुख्य विपक्षी पार्टी है। चार सांसद हैं लेकिन किसी महत्वपूर्ण विषय पर भाजपा को आप की राय नहीं चाहिए। 


तेजस्वी यादव ने न्योता न मिलने पर जताई नाराजगी

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सर्वदलीय बैठक में नहीं बुलाए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल बिहार में सबसे बड़ी पार्टी है और संसद में इसके पांच सांसद हैं लेकिन हमें भारत-चीन विवाद पर आज की सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया है। हम राजनाथ सिंह से जानना चाहते हैं कि राजद को क्यों आमंत्रित नहीं किया गया।