लॉकडाउन में घर जाने के बाद एक बार फिर काम की तलाश में वापस लौटने लगे मजदूर!

कोरोना काल में बिहार वापस लौटने वाले मजदूरों को काम देने के नीतीश कुमार के दावों पर यकीन करके फंसे मजदूर अब वापस परदेश लौटने लगे हैं. बिहार से दिल्ली-मुंबई जाने वाली ट्रेन अगले 15 दिनों तक फुल हैं. यानि बिहार से फिर से पलायन का सिलसिला तेज हो गया है.

नीतीश के दावे हुए फेल

रेलवे के रिकार्ड के मुताबिक बिहार से दिल्ली-मुंबई जैसी जगहों पर जाने वाली ट्रेनें अगले 15 दिने के लिए फुल हो चुकी हैं. इन ट्रेनों में अगले एक पखवाड़े के लिए कोई सीट खाली नहीं है. फुल हुई सारी सीट स्लीपर क्लास ही है. यानि गरीब-मध्यम तबके के लोग वापस लौटने लगे हैं.

पंजाब-दिल्ली जाने के लिए मारामारी

रेलवे की बेवसाइट बता रही है कि उत्तर बिहार से पंजाब के अमृतसर जाने वाली ट्रेन में अगस्त तक की सारी सीट फुल हो चुकी है. उत्तर बिहार से जिन राज्यों में रोजी-रोटी के लिए मजदूर पलायन करते रहे हैं उनमें पंजाब प्रमुख राज्य रहा है. वहां जाने की सारी ट्रेन टिकट अगले दो महीने तक बुक हो चुकी हैं.
रेलवे के रिकार्ड के मुताबिक बिहार के दरभंगा से लेकर मुजफ्फरपुर जैसे इलाकों से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में 20 जुलाई तक सारी सीट बुक हो चुकी है. ये वही इलाके हैं जहां से मजदूरों का पलायन सबसे ज्यादा होता है. ट्रेन में जेनरल क्लास की टिकट की बुकिंग नहीं हो रही है. लिहाजा दिल्ली लौट रहे लोगों ने स्लीपर क्लास की टिकटें बुक करायी हैं. वहीं उत्तर बिहार से मुंबई जाने वाली ट्रेन भी अगले एक महीने तक फुल हो चुकी हैं. मुंबई भी बिहारी मजदूरों के रोजगार का प्रमुख स्थान रहा है. ट्रेन टिकटों की बुकिंग बता रही है कि लोग रोजी-रोटी के लिए वापस लौटने लगे हैं.

नीतीश के वादे पर भरोसा नहीं

कोरोना संकट के दौरान मजदूरों के बिहार वापस लौटने के बाद से ही नीतीश कुमार और उनकी सरकार लगातार ये दावे करती रही है कि मजदूरों को बिहार में ही रोजगार दिया जायेगा. लेकिन लोगों को सरकारी वादे पर भरोसा नहीं हो रहा है. बिहार से वापस लौटने वाले मजदूरों की तादाद लगातार ब़ढती जा रही है.

रेलवे ने भी दिये आंकड़े

उधर रेलवे द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के मुताबिकबिहार से मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद की ओर जा रही ट्रेनों में ज्यादातर सीटें भरी हुई हैं. बिहार से जाने वाली ट्रेनों में मुजफ्फरपुर-बांद्र टर्मिनल स्पेशल में अगले चार दिनों के लिये 115 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, दानापुर-सिकंदराबाद स्पेशल में 121 प्रतिशत और मुजफ्फरपुर-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन में 127 प्रतिशत सीटें आरक्षित कराई गई हैं.