बहुत बड़ी खुशखबरी बिहार से कोटा काम पर लौटे मजदूर, अब फिर पटरी पर आएगा कारोबार!

लॉकडाउन के चलते प्रदेशभर से प्रवासी मजदूरों का अपने राज्यों में जाने का सिलसिला लगातार जारी है। लेकिन इसी बीच एक अच्छी खबर भी है कि श्रमिकों के अभाव में रुके कामधंधे और उद्योग अब जल्द ही फिर पटरी पर आने वाले हैं। इसके लिए श्रमिकों को वापस लाया जा रहा है और इसकी शुरुआत कोटा से हो चुकी है। शहर की भामाशाह मंडी में लॉकडाउन के चलते मजदूरों की कमी मंडी के व्यापारियों को खली तो उन्होंने बिहार का रुख किया और अब वहां से दो बसों के जरिए 50 श्रमिक कोटा पहुंचे हैं। 
अभी 8 बसों में वहां से और श्रमिक आने वाले हैं। एक तरफ घर जाने के लिए कोटा से करीब 30 हजार मजदूरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं अब कारोबार को गति देने के लिए उनकी वापसी भी होने लगी है। बिहार के मधेपुरा और सहरसा से 50 की संख्या में श्रमिक कोटा पहुंचे हैं। ये भामाशाह कृषि उपज मंडी में कामकाज संभालेंगे। फिलहाल थर्मल स्क्रीनिंग के बाद कैथून रोड स्थित वेयर हाउस में क्वारंटीन किया गया है। 
यहां इनके रहने और खाने की सुविधा मुहैया कराई गई हैं। इन लोगों को 14 दिन का क्वारंटीन पीरियड पूरा होने के बाद मंडी में काम पर भेजा जाएगा। कोटा ग्रैंड एंड मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने बताया कि भामाशाह कृषि उपज मंडी में लाखों बोरियों की रोज आवक हो रही है। 
पहले मंडी बंद थी और आगे मंडी सुचारू चालू रखनी है, ऐसे में मजदूर नहीं होने के चलते माल के लदान में परेशानी हो रही है। मंडी में जहां 7 से 8 हजार हम्मालों (श्रमिकों) की जरूरत होती है वहीं वर्तमान स्थिति में 2 हजार से भी कम हम्माल मौजूद हैं। ऐसे में मंडी में माल की आवक बढ़ने के साथ ही मजदूरों की कमी के चलते लदान समय पर नहीं हो पा रहा है। लेकिन अब बिहार से श्रमिकों के आने से जल्द ही राहत की उम्मीद है।