भारत में कोरोना वायरस की स्थिति बहुत गंभीर, फिर दोबारा लग सकता है लॉकडाउन!

कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन में अब कई देशों में ढील दी जा रही है। इस बीच भारत में भी 1 जून से लॉकडाउन के पांचवें चरण के बीच अनलॉकिंग (Unlock-1) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। वहीं अब एक स्टडी में कहा गया है कि भारत उन 15 देशों में से है जहां लॉकडाउन में दी जा रही ढील के चलते कोविड-19 का संक्रमण तेजी से बढ़ सकता है और इससे दोबारा लॉकडाउन लगाने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। यह दावा नोमुरा रिसर्च फर्म ने अपने एनालिसिस में किया है। 
रिसर्च में लोगों की आवाजाही और मामलों की बढ़त को आधार बनाया गया है जिसके चलते नए मामले बढ़ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, 'हमारे विजुअल टूल ने जो रिजल्ट दिये हैं, उसके अनुसार 17 देश ऐसे हैं, जहां अर्थव्यवस्था को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया सही रास्ते पर यानी ऑन ट्रैक है और वहां कोरोना के दूसरे चरण यानी सेकेंड वेव के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। खबरों के अनुसार 13 देशों में कोरोना के दोबारा लौटने की आशंका लग रही है और 15 देश ऐसे हैं, जहां सेकेंड वेव आने की पूरी आशंका है। 

लॉकडाउन में ढील देने से ये दो परिस्थतियां पैदा हो सकती हैं
रिसर्च के अनुसार, लॉकडाउन में ढील देने से दो परिस्थतियां पैदा हो सकती हैं, पहली स्थिति को अच्छा बताया गया है और इसमें कहा गया है, 'अमेरिका जैसे देश में लॉकडाउन में ढील दिये जाने के बाद लोगों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई और रोजाना मामलों में छिटपुट बढ़ोतरी के साथ व्यावसायिक सेवाएं शुरू हो गई हैं। जिसके चलते लोगों के भीतर भय का माहौल खत्म हुआ है और लोगों की आमद-रफ्त बढ़ रही है। जैसे-जैसे नए मामलों की संख्या में कमी आएगी लोगों के बीच पॉजिटिव फीडबैक जाएगा। 

वहीं दूसरी परिस्थिति है बुरी जहां कोरोना कर्व फ्लैट नहीं हो रहा है और रोज नए मामले बड़ी संख्या में आ रहे हैं। ऐसे में लोगों के भीतर भय बना हुआ है और लोगों की आवाजाही बहुत कम हो रही है। गंभीर हालातों में कुछ जगहों पर फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है। 

विश्लेषण के तहत 45 देशों को शामिल किया गया
रिपोर्ट में किये गये विश्लेषण के तहत 45 देशों को शामिल किया गया है, जिसमें तीन समूह बनाए गए हैं। इसमें पहला है ऑन ट्रैक यानी सही रास्ते पर दूसरा है चेतावनी यानी वार्निंग साइन और तीसरा है डेंजर जोन भारत डेंजर जोन में है। भारत के साथ इंडोनेशिया, चिली और पाकिस्तान, स्वीडन, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और कनाडा सरीखे देश शामिल हैं। वहीं जिन देशों में परिस्थिति बेहतर बताई जा रही है उसमें फ्रांस, इटली और दक्षिण कोरिया शामिल हैं, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश चेतावनी यानी वार्निंग साइन श्रेणी में शामिल हैं। 
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब विभिन्न देश अपने यहां लागू लॉकडाउन में ढील दे रहे हैं और लोग काम पर लौट रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी देशों से अपील की है, 'यह समय किसी भी देश के लिए सब कुछ खुला छोड़ देने का नहीं है। भारत में 25 मार्च के बाद पहली बार 8 जून को सार्वजनिक स्थान जैसे धार्मिक स्थल, मॉल खोले गए जो सरकार के अनलॉक प्लान का हिस्सा हैं।