बिहार के मजदूरों को फैक्टरी मालिकों का लॉलीपॉप, कोई दे रहा डबल सेलरी तो कोई भेज रहा फ्लाइट का टिकट ये ऑफर्स!

कोरोना वायरस की वजह से देश में अचानक लॉकडाउन कर दिया गया. लगभग सभी दुकाने, इंडस्ट्री और कंपनियां बंद हो गई. जिसके कारण मजदूरों और कम तनख्वाह वाले लोग बेसहारा हो गए. क्योंकि उनका घर उनकी रोज कमाई से चलता था. काम नहीं होने के कारण मजदूरों ने अपने गाँव जाना शुरू कर दिया. कोई लिफ्ट ले-लेकर घर पहुंचा, तो कोई साइकिल से तो हजारों लोग ऐसे भी थे जो पैदल ही हजारों किलोमीटर चले. अब अनलॉक शुरू हो चूका है कंपनियां खुल गई हैं और अब  मजदूरों को वापस बुला रही हैं, लेकिन मजदूर वापस आने में हिचक रहे हैं.
मजदूरों के आने-जाने की व्यवस्था कर रही हैं-कंपनियां प्रवासी मजदूरों को वापस बुलाने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दे रही हैं. यहां तक कि कंपनियां गांव के प्रमुख से भी बात कर रही हैं कि लोगों को काम के लिए भेजें. बदले में कंपनियां मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं और साथ ही उनके आने-जाने की व्यवस्था भी खुद ही करने को तैयार हैं. बहुत से मजदूरों ने लौटने की इच्छा भी जताई है, लेकिन ऐसा करने के लिए कंपनियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
मजदूरों को फ्लाइट से भी वापस लाया जा रहा-टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के मुताबिक हाल ही में मुंबई की एक फार्मा कंपनी ने पिछले तीन महीनों में लेबर की बहुत दिक्कत झेली है. जिसके बाद वह अपने कर्मचारियों को आने जाने के लिए बस की सुविधा तक मुहैया करा रही है. केईसी इंटरनेशनल के एमडी और सीईओ विमल केजरीवाल बताते हैं कि उनकी कंपनी के करीब दो तिहाई मजदूर वापस आ चुके हैं. वह बताते हैं कि कंपनी की तरफ से मजदूरों के परिवारों और गांव के सरपंचों को मजदूरों की सुरक्षा का वादा किया जा रहा है. केजरीवाल बताते हैं कि कुछ इलाकों में तो मजदूरों को फ्लाइट से भी वापस लाया जा रहा है.

मजदूरों को ये सुविधा दे रही हैं कंपनियां?

मजदूरों को वापस लाने के लिए बस और ट्रेन से आगे बढ़कर कंपनियां फ्लाइट्स से भी मजदूरों को वापस बुला रही हैं. कंपनियों की ओर से मजदूरों को रहने के साथ-साथ तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं.