यूपी बोर्ड का बड़ा बदलाव, अब रिजल्ट जारी होने के बाद स्क्रूटनी के लिए ऑनलाइन आवेदन!

कोविड-19 के प्रकोप देखते हुए इस वर्ष यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर की उत्तरपुस्तिकाएं अब भी मूल्यांकन केंद्रों पर डंप पड़ी हुई है। दूसरी ओर बोर्ड ने स्क्रूटनी का फार्म ऑनलाइन कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि 22 जुलाई निर्धारित की गई है। ऐसे में स्क्रूटनी पर सवाल उठना लाजिमी है।
बोर्ड ने 27 जुलाई को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी करने के साथ स्क्रूटनी का आवेदन भी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। ऐसे में यदि किसी परीक्षार्थी को अंकों को लेकर कोई शंका है तो वह प्रति प्रश्नपत्र 500 रुपये की दर से राजकीय कोषागार में शुल्क जमा कर आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव सतीश सिंह के मुताबिक परीक्षार्थियों को ऑनलाइन आवेदन की डाउनलोड प्रिंट कापी के साथ शुल्क का चालान पत्र के साथ बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को रजिस्टर्ड डाक से प्रेषित करनी है।
उन्होंने बताया कि हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थी सभी प्रश्नपत्रों में स्क्रूटनी का फार्म भर सकते हैं। हालांकि आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों की कापियों का बोर्ड पुन: मूल्यांकन नहीं करता है। सिर्फ परीक्षक द्वारा दिए गए अंकों की दोबारा जांच होती है। दूसरी ओर अध्यापकों का कहना है कि जब तक मूल्यांकन केंद्रों से क्षेत्रीय कार्यालय को कापियां नहीं पहुंचेगी तब तक बोर्ड के लिए स्क्रूटनी करना संभव नहीं होगा। ऐसे में इस बार स्क्रूटनी में देरी होने की संभावना है।

कापियों की शिफ्टिंग में फंसा कई परीक्षार्थी का रिजल्ट, छात्र परेशान

यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थियों के नाम, पिता के नाम जन्म तिथि सहित अन्य त्रुटियों की शिकायत दर्ज कराने के लिए ग्रीवांस सेल गठित कर दिया है। हालांकि बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में औपचारिक रूप से सेल का गठन नहीं हुआ है। एक-दो दिन में सेल गठित होने की संभावना है। दूसरी ओर सेल गठित होने से पहले ही तमाम परीक्षार्थियों ने फोन पर अपनी शिकायत दर्र्ज कराना शुरू कर दिया है। अब तक ज्यादातर परीक्षार्थियों ने परीक्षा देने के बाद भी एक पेपर में अनुपस्थित करने की शिकायत दर्ज कराई है।