बिहार चुनाव का हुआ आगाज, EVM का अपडेटेड वर्जन होगा इस्तेमाल, छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं!

देश में कोरोना संकट के बीच आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है इस बार चुनाव में ईवीएम के एम3 वर्जन का इस्तेमाल किया जाएगा। क्योकि ईवीएम के ये एम3 वर्जन सबसे आधुनिक और अपग्रेडेड है। इस ईवीएम में सुरक्षा के इंतेजाम पहले के मुकाबले ज्यादा हैं। बिहार में इससे पहले हुए चुनावों में ईवीएम का एम1 और एम2 वर्जन इस्तेमाल किया गया था। ईवीएम का वर्जन एम3 ज्यादा सुरक्षित है।

ये ईवीएम की थर्ड जनरेशन है एम 3
चुनाव में इस्तेमाल होने जा रहा ईवीएम का एम3 वर्जन के साथ किसी तरह की कोई छेड़खानी नहीं की जा सकती और इसकी खास बात है कि ये ईवीएम की थर्ड जनरेशन है और तकनीकी तौर पर काफी उन्नत भी है, एम3 ईवीएम में 24 बैलेट यूनिट और 384 प्रत्याशियों के बारे में जानकारी होगी। इस नये तकनीकी में सेल्फ डायग्नोस्टिक फीचर है जो खुद जांच कर सकता है कि उसके सभी यूनिट ठीक से काम कर रहे है कि नहीं। 

नहीं कर सकते ईवीएम से छेड़खानी
इसके साथ ही इसमें टैंपर प्रूफ मेकैनिज्म भी लगा हुआ है जिसमें अगर इसके बटन को कोई बार बार दबाएगा तो उसमें से एक सिग्नल निकालता है जो ये खबर देता है कि ईवीएम के साथ छेड़खानी हो रही है।

इसके अलावा इसमें ऐसे इंतजाम है कि अगर कोई इस ईवीएम को खोलने का जरा सा भी प्रयास करता है तो ये अपने आप बंद हो जाएगा। बता दें कि बिहार चुनाव पहला मौका नहीं है जब इसे इस्तेमाल किया जा रहा है पिछले साल हुए चुनावों में ईवीएम के एम3 वर्जन का इस्तेमाल हो चुका है। 

बिहार में 243 सीटों पर चुनाव
ईवीएम के इस वर्जन के बारे में बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी एचआर श्रीनिवास ने बताया कि इस वर्जन को इससे पहले 2019 लोकसभा चुनाव में बिहार में ईवीएम के एम3 वर्जन का इस्तेमाल आंशिक तौर पर किया गया, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों इसका इस्तेमाल होगा।