आंध्र प्रदेश में JCB से उठाकर शव को ले गए श्मशान, DM ने 2 अधिकारियों को कर दिया सस्पेंड!

कोरोनावायरस महामारी काल में तकरीबन हर दिन कहीं कोई अमानवीय घटना देखने को मिल रही है. शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के पलासा इलाके में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई है. यहां एक शख्स की अपने घर में ही मौत हो गई थी, उनके शव को जिले के नगरपालिका और स्वास्थ्यकर्मी जमीन खुदाई करने वाली जेसीबी से लेकर गए.
दरअसल, पलासा-काशिबुग्गा नगरपालिका इलाके में करीब 80 साल का एक शख्स पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था. शुक्रवार को अचानक उसकी मौत हो गई. इसके बाद उनके परिजन, करीबी और गांववाले मिलकर अन्तिम संस्कार करने लिए शव को ले जा रहे थे.

मृतक को बताया गया कोरोना पीड़ित

इसी दौरान किसी ने बताया कि मृतक को कोरोना का संक्रमण था. फिर क्या था, सारे निकट संबंधी, गांववाले शव को अमानवीय तरीके से बीच में ही छोड़कर भाग गए, जबकि अभी तक उनकी कोरोना की रिपोर्ट नहीं आई है. इसके बाद लोगों ने नगरपालिका को इस घटना के बारे में सूचित किया गया.
नगरपालिका के कमिश्नर ने जिले के अधिकारियों और पुलिस को बिना सूचित किए ही अमानवीय तरीके से जेसीबी भेजवाकर शव को उसमें उठाकर श्मशान तक ले गए. नियम के मुताबिक, अगर किसी कोरोना पीड़ित की मौत हो जाती है तो सरकार को उसका अन्तिम संस्कार करना है.

विपक्षी दलों ने घटना पर उठाया सवाल

हालांकि, राज्य के नगरपालिका और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा पीपीई किट पहनकर भी शव को जेसीबी में किसी जानवर की तरह ले जाना बहुत अमानवीय है. लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं. विपक्षी पार्टी के नेता भी इसकी कड़ी निंदा कर रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस वीडियो को ट्वीट कर राज्य सरकार की इस रवैये पर सवाल उठाए हैं.
इस घटना की खबर तेजी से पूरे राज्य में फैल गई. श्रीकाकुलम जिले के कलेक्टर जे निवास ने आदेश जारी करके नगरपालिका कमिश्नर नागेंद्र कुमार और सैनिटरी इंस्पेक्टर राजीव को सस्पेंड कर दिया और बाकी के कर्मचारियों पर जांच का आदेश दिया. वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने ट्वीट करके इस घटना की कड़ी निंदा की. साथ ही उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही.