LAC पर भारतीय सेना को चीन के खिलाफ हर कार्रवाई के लिए मिली खुली छूट मिली!

चीन के साथ लगती 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात सशस्त्र बलों को चीन के किसी भी आक्रमक बर्ताव का 'मुंह तोड़' जवाब देने की 'पूरी आजादी' दी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ लद्दाख में हालात पर उच्च स्तरीय बैठक के बाद सूत्रों ने यह जानकारी दी। रक्षा मंत्री के साथ इस बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे,नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने हिस्सा लिया।
सूत्रों ने बताया कि सिंह ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों को जमीनी सीमा, हवाई क्षेत्र और रणनीतिक समुद्री मार्गों में चीन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए और चीनी सैनिकों के किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए 'सख्त' रुख अपनाने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र बलों को दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की सेना के किसी भी प्रकार के आक्रामक रवैए से निपटने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
उन्होंने कहा कि सेना और भारतीय वायु सेना ने चीन के किसी भी दुस्साहस से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एलएसी पर अपनी अभियानगत तैयारियों को पहले ही तेज कर दिया है। गौरतलब है कि 15जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे और कम से कम 76 सैनिक घायल हो गए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।

एयरफोर्स  के जवानों की छुट्टियां रद्द

सूत्रों के मुताबिक एयरफोर्स  के जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया कल ही कह चुके हैं कि वायुसेना किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं।

भारतीय सैनिकों ने चीन की बर्बरता का बदला लिया

गलवान घाटी में 15 जून को अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी. संतोष बाबू के शहीद होने के बाद भारतीय जवानों के जवानों ने चीनी सेना पर कहर बरपा दिया था। गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों ने चीन की बर्बरता का बदला लिया। भारतीय जवानों ने चीन के सैनिकों की गर्दन तोड़ दी। चीन के कई सैनिकों की रीढ़ की हड्डी भी टूटी। सूत्रों के मुताबिक, भारत-चीन के सैनिकों के बीच करीब 4 घंटे तक झड़प चली थी।
इतना ही नहीं, भारतीय सेना ने गलवान घाटी में चीन के गुरूर को चकनाचूर कर दिया था। हिंद के जांबाजों के शौर्य से चीन की ताकत पर ऐसा ग्रहण लगा जिसकी टीस चीन कभी नहीं भूल सकेगा. सूत्रों के मुताबिक खबर है कि गलवान घाटी की झड़प में भारतीय सेना ने चीन के एक कर्नल को जिंदा पकड़ लिया था। भारतीय सेना के साथ टकराव में चीन के 45 से 50 सैनिक मारे गए थे।