चीन से तनाव के बीच कश्मीर में LPG स्टॉक बढ़ाने का हुआ आदेश, स्कूलों को खाली करने का भी फरमान!

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर इन दिनों तनाव का माहौल है। कहा जा रहा है कि यहां भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने है। इस बीच शनिवार को कश्मीर में दो सरकारी आदेश ने सीमा पर चल रही गतिविधियों को लेकर लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने तेल विपणन कंपनियों से कहा कि वो एलपीजी सिलेंडरों की करीब दो महीने का स्टॉक जमा कर लें। इसके अलावा एक और आदेश में गंदेरबल जिले में श्रीनगर लद्दाख हाईवे पर 16 शिक्षण संस्थानों को सुरक्षाबलों के लिए खाली करने को कहा गया।

सरकार की सफाई

इन दो आदेशों के बाद पूरे घाटी में अफवाह फैल गई। लोग दहशत में आकर जंग की बात करने लगे। बाद में सरकार ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि लोगों के बीच गलत जानकारी फैलाई जा रही है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा कि मानसून के दौरान भारी बारिश के चलते बार-बार हाईवे के अवरुद्ध होने के चलते सिलेंडरों के स्टॉक का ये आदेश दिया गया है।

क्या कहा गया आदेश में

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, ‘ हम सभी जानते हैं कि बारिश के दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 रामबन-जवाहर टनल के बीच प्रभावित रहता है। मौजूदा समय में हम कश्मीर में करीब एक महीने का स्टॉक रखकर चलते हैं।
हमने एलपीजी कंपनियों को करीब दो महीने का स्टॉक रखने की संभावनाओं पर विचार करने का अनुरोध किया है ताकि अगले तीन महीने तक बारिश अथवा अन्य कारणों के चलते राजमार्ग बंद होने की सूरत में लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल नहीं बने।

शिक्षण संस्थानों को खाली कराने का आदेश

इस बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय बलों के ठहरने का प्रावधान करने के लिए गंदेरबल जिला पुलिस की एक और विज्ञप्ति का हवाला दिया और कहा कि इस तरह के आदेश कश्मीर में दहशत पैदा करते हैं और हम सरकार से स्पष्टीकरण की मांग करते हैं। गंदेरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अपनी विज्ञप्ति में जिला प्रशासन से मध्य कश्मीर जिले में आईटीआई इमारतों, मध्य और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों समेत 16 शैक्षणिक संस्थानों को उपलब्ध कराये जाने का आग्रह किया है।